
Suryakumar Yadav-Venkatesh Iyer: वेंकटेश अय्यर-सूर्यकुमार यादव ने मचाई असली ‘तबाही’, 6 ओवर में बनाए 90 रन, जड़े 9 छक्के
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टीम इंडिया की पारी के दौरान वेंकटेश अय्यर और सूर्यकुमार यादव ने ताबड़तोड़ बैटिंग की. दोनों के इस कमाल के बदौलत ही भारतीय टीम बड़ा स्कोर खड़ा कर पाई.
Suryakumar Yadav-Venkatesh Iyer, Ind Vs Wi 3rd ODI: भारत और वेस्टइंडीज़ के बीच कोलकाता में खेले गए तीसरे टी-20 मुकाबले में कमाल ही हो गया. टीम इंडिया का टॉप ऑर्डर थोड़ा लड़खड़ाया, तो वेंकटेश अय्यर और सूर्यकुमार यादव ने ऐसी तबाही मचाई कि वेस्टइंडीज़ के बॉलर उनके सामने पानी भरते हुए नज़र आए. दोनों बल्लेबाजों ने आखिरी 6 ओवर में ही सिर्फ 90 रन जोड़ डाले. Innings Break! A 37-ball 91-run stand between @surya_14kumar (65) and Venkatesh Iyer 35* powers #TeamIndia to 184/5. 💪 💪 Over to our bowlers now. 👍 👍 #INDvWI | @Paytm Scorecard ▶️ https://t.co/2nbPwMZwOW pic.twitter.com/1QbTNAk0V5

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










