
Surya Grahan 2021: स्पेस साइंटिस्ट इस फॉर्मूले से करते हैं सूर्य ग्रहण के दिन और समय की गणना
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Surya Grahan 10 June 2021: सोचने वाली बात ये है कि आने वाले सूर्य ग्रहण के सही समय और जगह की गणना पहले से कैसे कर ली जाती है. इसके लिए स्पेस साइंटिस्ट बड़ी बारीक और सटीक कैलकुलेशन करते हैं और आगे आने वाले कई वर्षों के सूर्य और चंद्र ग्रहण की भविष्यवाणी कर लेते हैं. आइये जानते हैं क्या है इसका फॉर्मूला-
Surya Grahan 10 June 2021: साल 2021 का पहला सूर्य ग्रहण गुरुवार 10 जून को लगने वाला है. इसे भारत से देखा जा सकेगा और यह इसमें रिंग ऑफ फायर भी दिखाई देगी. फायर रिंग तब दिखाई देती है जब चंद्रमा पूरी तरह सूर्य की रोशनी को ढ़कता है. ग्रहण भारत के सभी हिस्सों में नहीं दिखेगा और केवल आखिरी समय में लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश के इलाकों में देखा जा सकेगा. अब सोचने वाली बात ये है कि आने वाले सूर्य ग्रहण के सही समय और जगह की गणना पहले से कैसे कर ली जाती है. इसके लिए स्पेस साइंटिस्ट बड़ी बारीक और सटीक कैलकुलेशन करते हैं और आगे आने वाले कई वर्षों के सूर्य और चंद्र ग्रहण की भविष्यवाणी कर लेते हैं. आइये जानते हैं क्या है इसका फॉर्मूला- अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार, बीते वर्षों के रिकॉर्ड और डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन से प्राप्त dT वैल्यूज़ का उपयोग करते हुए -1999 से +3000 के अंतराल के दौरान किसी भी समय आने वाले dT वैल्यूज़ को एक सरल पॉलिनॉमियल द्वारा पता किया जा सकता है.
सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

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Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.










