
Kalawa Vastu Upay: इन जगहों पर कलावा बांधते ही खत्म हो जाएंगे घर के सभी वास्तु दोष! जानें नियम
AajTak
Kalawa Vastu Upay: मान्यता है कि घर में कुछ खास जगहों पर कलावा बांधने से सुख-समृद्धि बढ़ती है और जीवन की कई परेशानियां अपने आप दूर होने लगती हैं. कलावा एक मंगलऔर शुभ धागा माना जाता है, जिसे रक्षा सूत्र भी कहते हैं.
Kalawa Vastu Upay: घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे, इसके लिए घर का वास्तु दोषों से मुक्त होना बेहद जरूरी माना जाता है. इसलिए लोग इन दोषों को दूर करने के लिए कई तरह के वास्तु उपाय भी करते हैं. इन्हीं उपायों में से एक उपाय है, घर में कलावा बांधना. कलावा, जिसे मौली या रक्षा सूत्र भी कहा जाता है, यह शुभता और सुरक्षा का प्रतीक है. लेकिन कई बार अनजाने में गलत जगह पर कलावा बांध देने से घर में परेशानियां बढ़ जाती हैं. ऐसे में ये जानना जरूरी हो जाता है कि कलावा घर में कौन सी दिशा और कौन सी जगह पर बांधना चाहिए.
किन स्थानों पर बांध सकते हैं कलावा?
मुख्य द्वार पर : घर का मुख्य द्वार सकारात्मक ऊर्जा का केन्द्र माना जाता है, और कलावा एक शुद्ध धागा माना जाता है. इसलिए घर की चौखट पर इसे बांधा जाए तो यह रक्षा कवच का काम करता है. यह धागा नकारात्मक शक्तियों को घर में प्रवेश करने से रोकता है.
तिजोरी : तिजोरी या धन वाले स्थान पर कलावा बांधने से देवी लक्ष्मी का आगमन होता है. घर की तिजोरी, कैश बॉक्स, या उस अलमारी के हैंडल पर कलावा बांधें . यह धन की वृद्धि करता है.
पूजा के कलश में: पूजा में स्थापित कलश में इसे सभी देवी-देवताओं, पवित्र नदियों, ऊर्जा और समृद्धि का निवास समझा जाता है. कलश में भरा हुआ जल जीवन, पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक है. इसी कारण, पूजा के समय कलश के मुख पर कलावा बांधना शुभ माना जाता है. यह माना जाता है कि कलावा कलश की दिव्यता को बढ़ा देता है.
तुलसी के पास : तुलसी घर में सकारात्मक ऊर्जा, शुद्धता और आरोग्य का स्रोत मानी जाती है. तुलसी के पास कलावा बांधना तुलसी के पास की नकारात्मक ऊर्जा का असर कम होता है और सकारात्मक बढ़ती है.

देश में IAS अधिकारियों की कुल 1,300 पदों पर भारी कमी है, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं. संसदीय समिति ने 25% रिक्त पदों को तुरंत भरने, डेटा आधारित भर्ती प्रक्रिया अपनाने और अफसरों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए वेलफेयर प्लान लागू करने की सिफारिश की है. उत्तर प्रदेश, केरल जैसे राज्यों में कमी सबसे ज्यादा है.

Aaj 18 March 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 18 मार्च 2026, दिन- बुधवार, चैत्र मास, कृष्ण पक्ष, चतुर्दशी तिथि सुबह 08.25 बजे तक फिर अमावस्या, पूर्व भाद्रपद नक्षत्र, चंद्रमा- कुंभ में रात 23.36 बजे तक फिर मीन में, सूर्य- मीन में, विजय मुहूर्त- दोपहर 14.30 बजे से दोपहर 15.18 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 12.29 बजे से दोपहर 14 बजे तक, दिशा शूल- उत्तर.

Chaitra Navratri 2026: देवी का पालकी में बैठकर आना क्या अशुभ संकेत है? जानें क्या कहता है देवी पुराण
इस साल चैत्र नवरात्र 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक रहेंगे. मान्यता है कि नवरात्र में मां दुर्गा वार के हिसाब से वाहन चुनकर आती हैं. इस बार मां का आगमन डोली या पालकी में हो रहा है. आइए जानते हैं कि मां दुर्गा के इस वाहन को लेकर देवी पुराण क्या कहता है.










