
Ramadan 2022: Saudi Arabia में नहीं खुलेंगे रेस्तरां, मस्जिदों में कैमरा ले जाने की नहीं होगी अनुमति
AajTak
सऊदी अरब ने रमजान को देखते हुए कई दिशानिर्देश जारी किए हैं. सरकार ने निर्देश दिया है कि उपवास के घंटों में सभी रेस्तरां बंद रहेंगे और इफ्तार से कुछ घंटे पहले खोले जाएंगे ताकि लोग खाना पैक करा सकें. मस्जिदों में कैमरे ले जाने पर भी रमजान के महीने में प्रतिबंध होगा.
मुसलमानों का सबसे पवित्र महीना रमजान कुछ ही दिनों में शुरू होने वाला है. पैगंबर मुहम्मद के जन्मस्थान मक्का में इस पर्व की धूम देखते बनती है. सऊदी अरब में अभी से ही रमजान को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है. सऊदी अरब की सरकार ने भी रमजान को देखते हुए अभी से कई गाइडलाइंस जारी की हैं. सरकार ने निर्देश दिए हैं कि रमजान के महीने में दिन से समय सभी रेस्तरां बंद रहेंगे. सऊदी सरकार की तरफ से ये भी कहा गया है कि रमजान के दौरान मस्जिदों से नमाज की लाइवस्ट्रीमिंग पर प्रतिबंध रहेगा.
रमजान के दौरान उपवास के घंटों में नहीं खुलेंगे रेस्तरां
गल्फ न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब में ऑनलाइन एक पत्र को शेयर किया जा रहा था कि रमजान के महीने में विदेशियों और पर्यटकों के खाने के लिए रेस्तरां खुले रहेंगे. काउंसिल ऑफ सऊदी चैंबर्स का हवाला देकर पत्र में लिखा गया था कि अगर रेस्तरां में पर्दें या कवर लगे हैं तो वो पर्यटकों और विदेशियों को खाना परोस सकते हैं. लेकिन काउंसिल ने खुद सामने आकर इस खबर को खारिज कर दिया है.
काउंसिल ने कहा कि रमजान से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए लोग उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.
सऊदी में रमजान के महीने में दिन के वक्त सभी रेस्तरां बंद ही रहते हैं. शाम को रेस्तरां खोलने की अनुमति होती है ताकि उपवास तोड़ने वाले लोग इफ्तार के लिए रेस्तरां से भोजन घर ले जा सकें.
रमजान इस्लामिक या हिजरी कैलेंडर का नौवां और सबसे पवित्र महीना है. माना जाता है कि ये वो महीना है जब पैगंबर मोहम्मद के सामने इस्लाम की सबसे पवित्र किताब कुरान की पहली आयत का अनावरण हुआ था. इस पूरे महीने मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक उपवास करते हैं. रमजान का महीना आमतौर पर 29 या 30 दिन का होता है.

युद्ध का आज 25वां दिन है. कल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से ये संकेत मिले थे कि वो सीजफायर के लिए तैयार हैं. लेकिन ईरान ने इनकार कर दिया है. बल्कि अब तो ईरान के हौसले और ज्यादा बुलंद हो गए हैं. ईरान ने बीती रात से लेकर आज दिन भर इजरायल पर नये हमलों की बाढ़ ला दी है. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल में भारी तबाही मचा रही हैं. ईरान रुक नहीं रहा है. इजरायल को बड़ा नुकसान पहुंचा रहा है.

आज का दंगल ईरान की जंग से भारत की बिगड़ती सेहत को लेकर है. ईरान में 25 दिन से जंग चल रही है. और पीएम मोदी ने कहा है कि इस जंग के कारण भारत पर दूरगामी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. पीएम मोदी ने कोविड महामारी की तरह मिल जुलकर इस चुनौती का सामना करने की अपील की है और देशवासियों को सभी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का भरोसा भी दिया है. पश्चिम एशिया में जंग के हालात से उभरी चुनौतियों को लेकर सरकार ने कल सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है.

हिज्बुल्लाह ने इजरायली सेना पर जबरदस्त रॉकेट हमला किया है. हिजबुल्लाह प्रवक्ता ने कहा है कि हमने दुश्मन पर कई रॉकेट दागे हैं. उन्होंने कहा कि आज सुबह ये हमला लेबनान की सुरक्षा के लिए किया गया. इजरायल ने भी माना है कि हाइफा में कई रॉकेट दागे गए, लेकिन इजरायल का दावा है कि हमने ज्यादातर हमलों को नाकाम कर दिया. देखें वीडियो.

तेल अवीव में मची तबाही का ड्रोन फुटेज सामने आया है. इसमें देखा जा सकता है कि मंगलवार की सुबह जब दुनिया की नजरें ट्रंप के '5-दिन के युद्ध विराम' के दावों पर टिकी थीं, ठीक उसी वक्त ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों ने तेल अवीव की सुरक्षा दीवार को चकनाचूर कर दिया. ताजा ड्रोन फुटेज ने इस हमले की भयावहता की गवाह दे दी है. देखें वीडियो.

अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग का आज 25वां दिन है. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य हमले भी थम नहीं रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ईरान के ऊर्जा और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर 5 दिन हमला ना करने का दावा किया लेकिन अब IRGC ने दावा किया है कि ईरान के 2 ऊर्जा ठिकानों को फिर से निशाना बनाया गया. इस बीच इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ट्रंप से बातचीत की और उसके बाद कहा कि ईरान और लेबनान पर हमले जारी रहेंगे. इजरायल लगातार लेबनान में हिज्बुल्ला के ठिकानों को निशाना बना रहा है. इस हमलों के बीच ये युद्ध भीषण रूप लेता जा रहा है. जंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बेहद मजबूत बातचीत हुई है और करीब करीब सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई है. उन्होंने ये भी कहा है कि विटकॉफ और कुश्नर बातचीत कर रहे हैं. अगर इसी तरह बातचीत चली तो युद्ध खत्म हो सकता है. ट्रंप दावा कर रहे हैं कि मजबूत बातचीत रही लेकिन ईरान का कहना है कि कोई बातचीत नहीं हुई जब ट्रंप से पूछा गया कि विटकॉफ और कुशनर किससे बातचीत कर रहे हैं तो उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि हम उस व्यक्ति से बात कर रहे हैं, जिसे मैं सबसे अधिक सम्मानित और नेता मानता हूं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वो नेता ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खुमेनेई हैं तो ट्रंप ने कहा कि नहीं- वो सुप्रीम लीडर नहीं है, हमें ये भी नहीं पता कि वो जीवित हैं या नहीं.

टायर सिटी में IDF के हमलों में 12 की मौत, बेरूत से टूटा कनेक्शन... लेबनान से आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट
IDF ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में चार अलग-अलग जगहों पर बमबारी की. पिछले रात हुए इन हमलों में 12 और लोगों की मौत की खबर है. IDF दक्षिण लेबनान में तेजी से अपने जमीनी सैनिकों को आगे बढ़ा रहा है,

ईरान ने दावा किया है कि असने अमेरिकी ड्रोन लुकास को मार गिराया है. ईरान न्यूज एजेंसी ने ड्रोन की तस्वीरें भी साझा की. जहां एक तरफ ईरान अमेरिका में शांति वार्ता की बातचीत चल रही है वहा यूएस-ईरान के हमले भी जारी है. वहीं कोलंबिया के अमेजन इलाके में एक विमान हादसा हो गया. इस हादसे में 66 लोगों की मौत हो गई है.






