
PM मोदी ने UAE में पत्थर पर छेनी-हथौड़ी से उकेरा 'वसुधैव कुटुंबकम', Video
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पीएम मोदी ने मंदिर के उद्घाटन के दौरान पत्थर पर छेनी-हथौड़े से "वसुधैव कुटुंबकम" उकेरा. पीएम ने अबू धाबी के पहले हिंदू मंदिर में आध्यात्मिक नेता महंत स्वामीमहाराज के पैर छुए. साथ ही मंदिर में वर्चुअल रूप से मां गंगा और यमुना को जल अर्पित किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी में पहले हिंदू मंदिर का लोकार्पण किया. इस दौरान पीएम मोदी ने पत्थर पर छेनी-हथौड़े से "वसुधैव कुटुंबकम" उकेरा. इस दौरान पीएम मोदी ने 'वैश्विक आरती' में भाग लिया, जो दुनियाभर के 1,200 से अधिक BAPS मंदिरों में एक साथ की गई थी. पीएम मोदी ने अबू धाबी के पहले हिंदू मंदिर में आध्यात्मिक नेता महंत स्वामीमहाराज के पैर छुए. साथ ही मंदिर में वर्चुअल रूप से मां गंगा और यमुना को जल अर्पित किया.
मंदिर का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि अरब जगत सैकड़ों सालों पहले भारत और यूरोप के बीच व्यापार में ब्रिज की भूमिका निभाता था. मैं जिस गुजरात से आता हूं, वहां के व्यापारियों के लिए अरब जगत व्यापारिक रिश्तों का केंद्र होता था. सभ्यताओं के इस समागम से ही नई संभावनाओं का जन्म होता है. इसलिए अबू धाबी में बना ये मंदिर इतना महत्वपूर्ण है. इस मंदिर ने हमारे प्राचीन रिश्तों में नई सांस्कृतिक ऊर्जा भर दी है. ये एक उपासना स्थल ही नहीं बल्कि मानवता की साझी विरासत भी है.
पीएम मोदी ने कहा कि मेरे मित्र राष्ट्रपति जायद का विजन है 'वी आर ऑल ब्रदर्स'. उन्होंने अबू धाबी में हाउस ऑफ अब्राहम फैमिली बनाई है. अबू धाबी में भगवान स्वामीनारायण का मंदिर विविधता में एकता के उस विचार को विस्तार दे रहा है. आज इस भव्य जगह से मैं एक और खुशखबरी देना चाहता हूं. आज सुबह यूएई के उपराष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन राशिद ने दुबई में भारतीय श्रमिकों के लिए एक अस्पताल बनाने के लिए जमीन देने के घोषणा की है. मैं उनका और मेरे ब्रदर राष्ट्रपति नाहयान का ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूं.
दरअसल, अबू धाबी में जो हिंदू मंदिर बना है, उसके लिए शेख मोहम्मद बिन जायद ने ही जमीन तोहफे में दी थी. यूएई सरकार ने मंदिर के लिए पहले 13.5 एकड़ जमीन दी थी. बाद में 2019 में फिर से 13.5 एकड़ जमीन दी थी. 27 एकड़ में फैले परिसर में भगवान स्वामीनारायण का मंदिर 13.5 एकड़ में बना है. जबकि बाकी के 13.5 एकड़ में पार्किंग बनी है.
पीएम मोदी ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि मैं पहले अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर और अब अबू धाबी में इस मंदिर का साक्षी बना. आज वैश्विक संघर्षों और चुनौतियों के सामने विविधता में एकता का विचार हमें विश्वास देता है, मानवता में हमारे विश्वास को मजबूत करता है. इस मंदिर में आपको पग पग पर विविधता में विश्वास की झलक दिखेगी. हिंदू धर्म के साथ-साथ कुरान की कहानियां भी उकेरी गई हैं. मंदिर में प्रवेश करते ही वॉल ऑफ हार्मनी के दर्शन हुए थे. इसके बाद इस बिल्डिंग का इम्प्रेंसिव थ्री डी का अनुभव होगा, जिसे पारसी समाज ने शुरू करवाया है. लंगर की जिम्मेदारी के लिए सिख भाई आगे आए हैं. मंदिर के निर्माण में हर धर्म के लोगों ने काम किए हैं. मंदिर की सात मीनारें यूएई की 7 अमीरातों का प्रतीक है. यही भारतीयों का स्वभाव है. हम जहां जाते हैं वहां की संस्कृति मूल्यों को सम्मान भी देते हैं और आत्मसाध भी करते हैं. सबके सम्मान का यही भाव शेख मोहम्मद के जीवन में भी साफ दिखता है.

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