
OpenAI का दावा- इजरायली कंपनी ने की लोकसभा चुनाव प्रभावित करने की कोशिश, अब आया सरकार का बयान
AajTak
OpenAI की रिपोर्ट में उन कैंपेन का हवाला दिया गया है, जिनके जरिए AI का इस्तेमाल कर जनता की राय में हेरफेर करने या राजनीतिक परिणामों को प्रभावित करने के लिए किया गया.
लोकसभा चुनाव के अंतिम और सातवें चरण का मतदान कल होगा, जबकि नतीजे 4 जून को आएंगे. इससे पहले OpenAI ने बड़ा दावा किया है. इसमें कहा गया है कि इजरायली फर्म ने लोकसभा चुनावों को बाधित करने की कोशिश की. इतना ही नहीं, भाजपा विरोधी एजेंडा भी चलाया. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायल बेस़्ड कंपनी ने भारत पर फोकस करते हुए कई टिप्पणियां कीं, इनमें सत्तारूढ़ भाजपा की आलोचना और विपक्षी कांग्रेस की प्रशंसा की गई थी.
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में हुए लोकसभा चुनावों पर केंद्रित गतिविधियों को मई में चिह्नित किया गया था. इस कंपनी को इज़रायल की एक पॉलिटिकल कैंपेन मैनेजमेंट फर्म STOIC द्वारा संचालित किया जा रहा था.
OpenAI की रिपोर्ट में उन कैंपेन का हवाला दिया गया है, जिनके जरिए AI का इस्तेमाल कर जनता की राय में हेरफेर करने या राजनीतिक परिणामों को प्रभावित करने के लिए किया गया. साथ ही कहा कि हमने पाया कि इस तरह की ख़तरनाक एक्टिविटी के लिए हमारे मॉडल का इस्तेमाल किया जा रहा था. OpenAI ने कहा कि हमने लोगों को ये बताने की कोशिश की कि ऐसा करने वाले कौन थे, वे क्या हासिल करने की कोशिश कर रहे थे.
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इज़रायल से संचालित अकाउंट्स के एक ग्रुप का उपयोग सीक्रेट कैंपेन के लिए कॉन्टेंट बनाने और इसे एडिट करने के लिए किया गया था. ये कॉन्टेंट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X, फेसबुक, इंस्टाग्राम, वेबसाइट और यूट्यूब पर शेयर किया गया था. OpenAI ने दावा किया कि मई की शुरुआत में इसने (नेटवर्क ने) अंग्रेजी के कॉन्टेंट के साथ भारत में अपनी ऑडियंस को टारगेट करना शुरू कर दिया था.
वहीं, OpenAI की रिपोर्ट पर रिएक्शन देते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रौद्योगिकी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि यह बिल्कुल स्पष्ट है कि कुछ भारतीय राजनीतिक दलों या उनकी ओर से संचालित की जा रही गलत सूचनाओं और विदेशी हस्तक्षेप के जरिए भाजपा को टारगेट किया जा रहा था. उन्होंने इसे देश के लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक बताया.
राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि भारत और देश के बाहर निहित स्वार्थ के लिए ऐसा एजेंडा चला रहे हैं. इसकी गहन जांच और पर्दाफाश किए करने की जरूरत है.

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?

दिल्ली सरकार के बजट को लेकर मंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए बड़े आवंटन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बताया कि इस बार बजट में सबसे अधिक राशि शिक्षा के लिए निर्धारित की गई है, जो 19,000 करोड़ से ज्यादा है. इसके तहत स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी और ICT लैब्स के विकास के लिए भी करोड़ों रुपये का प्रावधान किया गया है. हालांकि मंत्री ने यह भी कहा कि ये आंकड़े केजरीवाल गवर्नेंस मॉडल की वास्तविकता को उजागर करते हैं और इससे कई सवाल खड़े होते हैं.








