
Nancy Pelosi Taiwan Visit: 'चीन में अमेरिका का मुकाबला करने की हिम्मत नहीं', देखें वरिष्ठ पत्रकार ने और क्या बताया
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Nancy Pelosi Taiwan Visit: एक समय पर अमेरिका का दोस्त कहलाने वाला चीन, फिलहाल अमेरिका से नाराज चल रहा है. और वजह है नैंसी पेलोसी का ताइवान दौरा. नैंसी पेलोसी अमेरिकी सदन की स्पीकर हैं और नैंसी इन दिनों विदेशी यात्रा पर थी, जिसका एक पड़ाव ताइवान था. लेकिन नैंसी का ये दौरा चीन को रास नहीं आ रहा था और चीन ने अमेरिका को इसके लिए सतर्क भी किया और कई सारी चेतावनी भी दी. लेकिन चीन की चेतावनी के बाद भी नैंसी पेलोसी ताइवान पहुंची और अपने कार्यक्रमों में शिरकत की. जिसके बाद अब चीन और अमेरिका के बीच तनाव की स्थिती पैदा हो गई है.

यूरोपीय संघ के राजदूतों ने रविवार यानि 18 जनवरी को बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में आपात बैठक की. यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी के बाद बुलाई गई. जिसमें उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर कई यूरोपीय देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की बात कही है. जर्मनी और फ्रांस सहित यूरोपीय संध के प्रमुख देशों ने ट्रंप की इस धमकी की कड़ी निंदा की है.

दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध जैसी स्थिति बनने की आशंका बढ़ रही है. अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय नीतियां विवादों में हैं, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की तुलना हिटलर की तानाशाही से की जा रही है. वेनेज़ुएला पर हमला करने और ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने की धमकी के बाद अमेरिका ने यूरोप के आठ NATO देशों पर टैरिफ लगाया है.

इस चुनाव में तकाईची अपनी कैबिनेट की मजबूत लोकप्रियता के सहारे चुनाव में उतर रही हैं. उनका कहना है कि वो ‘जिम्मेदार लेकिन आक्रामक’ आर्थिक नीतियों के लिए जनता का समर्थन चाहती हैं, साथ ही नए गठबंधन को भी स्थिर जनादेश दिलाना चाहती हैं. गौरतलब है कि ये चुनाव पिछले निचले सदन चुनाव के महज 18 महीने के भीतर हो रहा है. पिछला आम चुनाव अक्टूबर 2024 में हुआ था.










