
बोर्ड ऑफ पीस मे तुर्की को शामिल किए जाने से चिढ़ गया इजरायल, निशाने पर ट्रंप के दामाद
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता वाली बोर्ड ऑफ पीस में तुर्की और कतर के शामिल होने से इजरायल ने कड़ा विरोध जताया है. इजरायली सुरक्षा कैबिनेट ने इसके लिए ट्रंप के दामाद जेयर्ड कुशनर को जिम्मेदार ठहराया है. इजरायल का कहना है कि तुर्की के हमास के साथ संबंध हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता वाली 'बोर्ड ऑफ पीस' को लेकर उसका करीबी सहयोगी इजरायल नाराज हो गया है. गाजा समस्या के समाधान के लिए गठित बोर्ड ऑफ पीस के एग्जीक्यूटिव बोर्ड में मध्य-पूर्व के यूएस सहयोगियों तुर्की और कतर को प्रतिनिधित्व दिया गया है जो इजरायल की नाराजगी की वजह बन गई है. इजरायल की सुरक्षा कैबिनेट के कई मंत्रियों ने इसके लिए ट्रंप के दामाद जेयर्ड कुशनर को जिम्मेदार ठहराया है और इजरायल इस फैसले का कड़ा विरोध कर रहा है.
रविवार को इस संबंध में इजरायली सुरक्षा कैबिनेट की एक बैठक हुई. बंद कमरे की चर्चा में शामिल लोगों के हवाले से कहा गया कि कुशनर इजरायल से 'बदला ले रहे हैं', क्योंकि इजरायल ने राफा क्रॉसिंग को दोबारा खोलने से इनकार कर दिया था. कैबिनेट मंत्रियों का आरोप है कि क्षेत्र में कुशनर के निजी संबंध बोर्ड ऑफ पीस के स्ट्रक्चर को प्रभावित कर रहे हैं.
इजरायल के अखबार 'द जेरुसलेम पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रियों का कहना है कि कुशनर ने 2020 में इजरायल की संप्रभुता की घोषणा को 'पटरी से उतार दिया था.' उन्होंने कहा कि कुशनर के अरब नेताओं के साथ करीबी राजनीतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं जिस कारण वो अब भी मुश्किलें पैदा कर रहे हैं.
इजरायली अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि वो अमेरिकी प्रशासन के साथ नियमित और प्रभावी ढंग से काम करते हैं. इससे पहले हुए एक कैबिनेट बैठक में एक मंत्री ने कहा था कि कुशनर के 'विश्व शांति को लेकर कुछ कल्पनात्मक विचार' हैं, जो हमेशा इजरायल के हितों से मेल नहीं खाते.
कैबिनेट ने इस बात पर सहमति जताई कि गाजा के प्रबंधन से जुड़े किसी भी निकाय में तुर्की या कतर के प्रतिनिधित्व का विरोध किया जाएगा और अगले दो हफ्तों तक हालात की समीक्षा जारी रहेगी.
इजरायली अधिकारियों ने कहा कि एग्जीक्यूटिव बोर्ड में तुर्की की भूमिका को लेकर चिंता है. अधिकारियों के अनुसार, अगर तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान को किसी केंद्रीय भूमिका में शामिल किया गया तो यह एक 'रेड लाइन’ पार करने जैसा होगा.

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