
LIVE: 'वोट चोरी' के खिलाफ आज बड़ी रैली, रामलीला मैदान में कांग्रेस दिखाएगी ताकत... राहुल-खड़गे होंगे शामिल
AajTak
कांग्रेस आज दिल्ली के रामलीला मैदान में कथित
कांग्रेस पार्टी आज यानी दिल्ली के रामलीला मैदान में "वोट चोरी" के आरोपों को लेकर बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है. पार्टी का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हो रही हैं और सरकार और चुनाव आयोग की मिलीभगत से लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है. इसी मुद्दे पर जनता को जागरूक करने और दबाव बनाने के लिए यह रैली आयोजित की जा रही है.
इस प्रदर्शन में कांग्रेस के शीर्ष नेता शामिल होंगे. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी रैली को संबोधित करेंगे. इनके अलावा प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश और सचिन पायलट जैसे वरिष्ठ नेता भी मंच पर मौजूद रहेंगे.
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है. रैली से पहले सभी नेता कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में एकत्र होंगे और फिर रामलीला मैदान पहुंचेंगे.
- कांग्रेस की 'वोट चोरी' के खिलाफ इस रैली के लिए किसी भी विपक्षी नेता को नहीं बुलाया गया है.
- संसद से सड़क तक लड़ाई ले जाने की तैयारी में कांग्रेस कथित वोटर लिस्ट में हेरफेर के आरोपों को लेकर बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है. गांधी परिवार के तीनों सदस्यों के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष, तीन मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे. सभी पार्टी सांसद दोपहर 12 बजे इंदिरा भवन में एकत्र होंगे और वहां से रामलीला मैदान के लिए रवाना होंगे.

क्रिकेटर रिंकू सिंह लखनऊ में आयोजित समारोह में सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र लेने नहीं पहुंचे. रिंकू को क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी पद मिला है. इस समय वह आईपीएल की तैयारियों में जुटे हैं, जहां वे कोलकाता नाईट राइडर्स के लिए खेलते हैं. उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छह अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को नौकरी का लेटर सौंपा और कई खिलाड़ियों को पुरस्कारों से सम्मानित किया.

फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की मालिक कंपनी मेटा के लिए यह एक बड़ा झटका है. कंपनी ने हमेशा दावा किया है कि वह बच्चों की सुरक्षा के लिए करोड़ों डॉलर खर्च करती है, लेकिन न्यू मेक्सिको की जूरी ने उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. साथ ही दोषी करार देते हुए भारी भरकम जुर्माना लगाया है.

आज पूरी दुनिया में यही चर्चा है कि ईरान-अमेरिका युद्ध- रुकेगा या फिर महायुद्ध में बदल जाएगा. इस सवाल की वजह है युद्ध को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप का दावा. ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले की नई डेडलाइन का एलान किया, वो भी ये कहते हुए कि ईरान की तरफ से युद्धविराम की पेशकश की गई है और दोनों देशों के बीच टेबल पर बातचीत जारी हैं. लेकिन ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को झूठ का पुलिंदा बताया. अब सवाल यही है कि पर्दे के पीछे क्या ईरान और अमेरिका में कोई बातचीत चल रही है, क्या जल्द युद्धविराम की संभावना है, या फिर ट्रंप के दावे में कोई दम नहीं.










