
Life in City of Gold: सोने के चमकते शहर के पीछे की अंधेरी दुनिया... जानिए आम लोगों की वहां कैसी है जिंदगी
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एक ऐसा शहर जहां हर तरफ सोना ही सोना है, जिसे दुनिया के गोल्ड सिटी के नाम से जाना जाता है लेकिन उस शहर की जिंदगी का एक पक्ष अंधकार, हिंसा, अवैध क्रिमिनल सिंडिकेट की लड़ाइयों से भरा हुआ है. जानिए सोने के खदानों की चमक के पीछे की जिंदगी का दूसरा पहलू कैसा है और कैसी है आम लोगों की जिंदगी गोल्ड सिटी में?
...एक तरह से देखा जाए तो दुनिया में सोना यानी गोल्ड (Gold) की चमक के आगे हर कुछ फीका है. इस धरती पर सोने के अलावा शायद ही कोई और ऐसी चीज हो जिसकी दीवानगी पूरी दुनिया में एक जैसी हो. वैज्ञानिकों और इतिहासकारों का मानना है कि सोना धरती पर खोजी गई सबसे पुरानी धातुओं में से एक है. इसकी खोज करीब 5,000 साल पहले हुई मानी जाती है. तब से अब तक चाहे राजा-महाराजाओं का युग रहा हो या आज का वर्तमान युग, सोने की चमक ना तो कभी फीकी पड़ी और ना ही भविष्य में पड़ने की कोई आशंका है. खासकर भारत में तो सोने के आभूषणों को लेकर लोगों में खास ही आकर्षण है.
अमेरिका-चीन-भारत-ऑस्ट्रेलिया समेत दुनिया के कई देशों में सोने के बड़े-बड़े भंडार हैं लेकिन क्या आपको पता है कि गोल्ड सिटी ऑफ वर्ल्ड किसे कहा जाता है? गोल्ड सिटी ऑफ वर्ल्ड का तमगा हासिल है दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग शहर को. जहा स्थित है सोने का सबसे बड़ा और गहरा भंडार विटवाटरसैंड माइंस. एक अनुमान के अनुसार विटवाटरसैंड खान दक्षिण अफ्रीका के गौटेंग प्रांत में स्थित है जहां का सबसे बड़ा शहर जोहान्सबर्ग है.
यहां के विशाल गोल्ड भंडार ने दुनिया के कुल सोने के उत्पादन का 40 प्रतिशत से अधिक उत्पादन किया है. कहा जाता है कि पहाड़ियों पर स्थित जोहान्सबर्ग शहर को बसाया ही गया था सोने के खानों की खुदाई के हिसाब से.
कितना बड़ा है सोने का भंडार? विटवाटरसैंड के गोल्ड माइंस की गहराई 3000 मीटर तक जमीन के अंदर है. यहां 82 मिलियन औंस से भी अधिक सोने के भंडार का अनुमान है. यहां पिछले 61 साल से सोने का खनन हो रहा है यानी साल 1961 से और जिसके अगले 70 सालों तक सोने के उत्पादन लायक होने का खनन कंपनी को अनुमान है यानी साल 2092 तक. साल 2017 में यहां से 281,300 औंस और साल 2018 में यहां से 157,100 औंस सोने का उत्पादन हुआ. यह खान यूरेनियम का भी एक बड़ा स्रोत है. यहां के पांच प्रमुख गोल्ड माइंस हैं- Kloof Gold Mine, Driefontein Gold Mine, South Deep Gold Mine, Impala Mine और Tshepong Mine.
यहां के आम लोगों की जिंदगी कैसी है? सोने की चमक-दमक के बीच यहां के आम लोगों की जिंदगी काफी अलग है. गौटेंग प्रांत जिसका हिस्सा है जोहान्सबर्ग जमीन के हिसाब से दक्षिण अफ्रीका के सबसे छोटे प्रांतों में है यानी केवल 1.5 फीसदी जमीन. लेकिन यहां की आबादी काफी अधिक है. देश की 26 फीसदी आबादी यानी एक करोड़ 60 लाख लोगों का ये घर है. अब ये सोने का सम्मोहन है या क्या? ये स्थानीय हालात को देखने के बाद आप खुद समझ जाएंगे. इस प्रांत का मुख्य केंद्र है दुनिया के बड़े शहरों में गिना जाने वाला जोहान्सबर्ग शहर. यह काफी हद तक शहरीकृत हो गया इलाका है. आज यह शहर न केवल दक्षिण अफ्रीका का व्यापारिक केंद्र बन चुका है बल्कि इसे पूरे अफ्रीका महाद्वीप का केंद्र कहें तो गलत नहीं होगा.
दूर-दूर तक फैला है गोल्ड माइंस का इलाका यह इलाका Vaal नदी के किनारे बसा है और किसी भी और देश की सीमा से दूर एक लैंडलॉक्ड इलाका है. यहां की पहाड़ियां और सूखा मौसम आम तौर पर इसे लोगों के रहने के लिए मुश्किल इलाका बना देता है लेकिन सोने की खानों में रोजगार की संभावनाएं और व्यापारिक अवसर लोगों को यहां खींच लाता है. गोल्ड माइंस का इलाका विटवाटरसैंड गौटेंग के साउथ का इलाका है और 120 किलोमीटर के इलाके में फैला हुआ है. समंदर तट से 1700 मीटर ऊंचाई पर स्थित जोहान्सबर्ग शहर में मौसम वैसे तो ठंढा ही रहता है. लेकिन कई बार यहां होने वाली बर्फबारी मौसम को खुशनुमा बना देती है.

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