
Israel: Pegasus spyware बनाने वाले NSO ग्रुप ने किया जासूसी के आरोपों का खंडन, दिया ये जवाब
Zee News
Pegasus Spyware किस देश को बेचा गया है ये जानकारी देने का फैसला पॉलिसी के हिसाब से लिया जाता है. NSO प्रवक्ता के मुताबिक किसी भी देश की सरकार को दिए गए सिस्टम को ना तो उनका ग्रुप ऑपरेट करता है और ना ही उनके पास इससे जुड़ा कोई डाटा होता है.
नई दिल्ली: इजरायली (Israel) टेक कंपनी के जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस (Pegasus spyware) के जरिए देश में पत्रकारों व अन्य विशिष्ट लोगों की जासूसी की मीडिया रिपोर्ट का भारत सरकार ने खंडन किया है. वहीं दूसरी तरफ Pegasus बनाने वाले NSO ग्रुप ने भी अपने सॉफ्टवेयर के जरिए लोगों की निगरानी से जुड़ी फ्रांस की Forbidden Stories की रिपोर्ट का खंडन किया है. ज़ी न्यूज़ को भेजे अपने विस्तृत जवाब में NSO ग्रुप में कहा कि Forbidden Stories द्वारा तैयार रिपोर्ट के हवाले से भारत समेत दुनिया के कई मीडिया हाउस ने जो खबर प्रसारित की है वो गलत धारणाओं (Wrong Assumptions) पर और अपुष्ट सिद्धांतों (Uncorroborated Theories) पर तैयार की गई है. जो कि 'सूत्रों' की विश्वसनीयता पर गहरा संदेह पैदा करती है.
Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.










