
IOC, BPCL और HPCL पर दांव लगाने वाले हो जाएं सावधान! 20 परसेंट तक क्रैश हो सकते हैं शेयर Bonus Share: स्मॉल कैप कंपनी मुफ्त में देने जा रही 5 बोनस शेयर, जानें कब है रिकॉर्ड डेट?
ABP News
Share Crash: मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि IOC, BPCL और HPCL जैसी भारतीय तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के शेयरों में 20 परसेंट तक और गिरावटआ सकती है.
Share Crash: भारतीय तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) यानी कि IOC, BPCL और HPCL के शेयरों में हाल के समय में भारी गिरावट देखी गई. एक्सपर्ट्स का ऐसा मानना है कि इनमें 20 परसेंट तक की और गिरावट आ सकती है. इसके पीछे वजह अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल है, जिससे इन कंपनियों की बैलेंस शीट पर दबाव बढ़ता जा रहा है.
ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे जंग की वजह से होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया है. यही वह रास्ता से जहां से दुनियाभर के तमाम देशों के लिए 20 परसेंट तक की क्रूड ऑयल की सप्लाई होती है. भारत अपनी जरूरत का 40 परसेंट से ज्यादा तेल आयात करता है. ऐसे में हाल के दिनों में मिडिल ईस्ट के देशों में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर्स पर हुए हमलों से ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं. कुछ वक्त पहले तक तो कीमतें लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थीं. इसके चलते भारतीय तेल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है.
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से OMCs का मार्केटिंग मार्जिन कम हो जाता है. यानी कि तेल बेचने पर होने वाला मुनाफा कम हो जाता है. OMC एक काउंटर-साइक्लिकल लेवरेज मॉडल पर काम करती हैं. यानी जब नुकसान या मार्जिन का दबाव बढ़ता है, तो वर्किंग कैपिटल और अंडर-रिकवरी को संभालने के लिए कर्ज तेजी से बढ़ जाता है.
Equirus Research के अनुसार, इससे यह जोखिम और बढ़ जाता है कि कच्चे तेल के मौजूदा तेजी के दौर में अगर कीमतों में बदलाव किए बिना मार्केटिंग में नुकसान जारी रहता है, तो बढ़ते कर्ज के स्तर के कारण बैलेंस शीट पर फिर से काफी दबाव पड़ सकता है.













