
खारी बावली से सदर बाजार तक सप्लाई ठप, बादाम-पिस्ता से लेकर खजूर तक महंगे
ABP News
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वेस्ट एशिया में तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो इसका असर न सिर्फ ड्राई फ्रूट्स और दवाओं की कीमतों पर, बल्कि राजधानी की पूरी व्यापारिक व्यवस्था और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है.
Dry fruit Prices Surge up: वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष का असर अब दिल्ली की रसोई और कारोबार दोनों पर दिखने लगा है. राष्ट्रीय राजधानी में ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में 20 से 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कारोबारियों का कहना है कि सप्लाई बाधित होने से बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है.
पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक स्थित खारी बावली, जो एशिया का सबसे बड़ा मसाला और ड्राई फ्रूट्स थोक बाजार माना जाता है, वहां हालात सबसे ज्यादा प्रभावित दिख रहे हैं. खारी बावली मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव भाटिया ने कहा,
“ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में 20 से 50 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है क्योंकि संघर्ष के चलते सप्लाई में भारी कमी आ गई है. काजू को छोड़कर ज्यादातर ड्राई फ्रूट्स वेस्ट एशिया से आयात होते हैं और उनकी आपूर्ति लगभग रुक गई है. ईद नजदीक आने से खजूर की मांग बढ़ी है, लेकिन स्टॉक सीमित है.”
थोक बाजारों में अनिश्चितता

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