
वैश्विक तेल संकट में पाकिस्तान परेशान, भारत में क्यों कंट्रोल में हैं फ्यूल प्राइस? जानें कब तक मिलती रहेगी राहत
ABP News
मिडिल ईस्ट में पैदा हुए हालात से कच्चे तेल की कीमतों को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. इसका असर पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल रहा है....
Middle East Crisis Oil Prices: मिडिल ईस्ट में पैदा हुए हालात से कच्चे तेल की कीमतों को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. इसका असर पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल रहा है. तेल आयात पर निर्भर देशों की स्थिति तो और अधिक खराब होती दिख रही है.
पड़ोसी देश पाकिस्तान-बांग्लादेश में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की खबरें सुर्खियां बटोर रही है. हालांकि, भारत में अभी भी तेल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. आइए जानते हैं, आखिर सरकार और तेल कंपनियों की कौन सी तैयारियों ने आम आदमी को बढ़ते कीमतों से बचा रखा है...
तेल कंपनियों की रणनीति से मिल रही राहत
भारत में ईंधन की कीमतों को अचानक बढ़ने से रोकने में सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां जैसे IOCL, BPCL और HPCL अहम भूमिका निभाती हैं. जानकारों के मुताबिक ये कंपनियां कीमतों के उतार-चढ़ाव को संभालने के लिए एक संतुलित रणनीति अपनाती हैं. जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता होता है, तब ये कंपनियां अच्छा मुनाफा कमाकर एक तरह का वित्तीय बफर तैयार करती हैं.













