
गर्मी में महंगाई के हीट स्ट्रोक का कहर.. ईरान वार का आपके एसी पर भी जबरदस्त असर
ABP News
औद्योगिक जानकारों के मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस में एलपीजी का इस्तेमाल कई कामों में किया जाता है, जैसे तांबे को टांकने और पाउडर कोटिंग के लिए. वहीं पॉलिमर के निर्माण के लिए पेट्रोकेमिकल्स बेहद जरूरी होते हैं.
ईरान युद्ध की वजह से एक तरफ जहां देशभर में Liquefied Petroleum Gas (एलपीजी) का संकट देखने को मिल रहा है, वहीं अगर यह युद्ध लंबा खिंचता है तो इसका असर अलग-अलग तरीके से आम लोगों पर पड़ना तय है.
गर्मी का पीक सीजन अभी शुरू ही हुआ है, लेकिन Middle East में बढ़ती अशांति ने एसी निर्माताओं के सामने नई मुसीबत खड़ी कर दी है. इसकी वजह एलपीजी की सप्लाई में कमी और पेट्रोकेमिकल्स की घटती उपलब्धता है. इन कारणों से एसी के उत्पादन पर असर पड़ने लगा है.
क्यों एसी के उत्पादन पर असर?
औद्योगिक जानकारों के मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस में एलपीजी का इस्तेमाल कई कामों में किया जाता है, जैसे तांबे को टांकने और पाउडर कोटिंग के लिए. वहीं पॉलिमर के निर्माण के लिए पेट्रोकेमिकल्स बेहद जरूरी होते हैं. इनका इस्तेमाल एसी यूनिट्स के प्लास्टिक और मैकेनिकल पार्ट्स बनाने में किया जाता है. ऐसे में कच्चे माल की कमी का सीधा असर उत्पादन पर पड़ रहा है.

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