
IND vs ENG: 8 साल बाद खत्म हुआ इस भारतीय क्रिकेटर का 'वनवास', साई सुदर्शन के डेब्यू पर भी बना ये संयोग
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लीड्स टेस्ट मैच के लिए भारतीय टीम की प्लेइंग-11 में करुण नायर और साई सुदर्शन की एंट्री हुई है. करुण नायर 8 साल से ज्यादा समय बाद टेस्ट मैच खेलने उतरे हैं. वहीं सुदर्शन का ये डेब्यू टेस्ट मैच है.
भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज 20 जून (शुक्रवार) से लीड्स के हेडिंग्ले क्रिकेट ग्राउंड पर हुआ है. इस मुकाबले में इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी का फैसला किया.
लीड्स टेस्ट मैच में भारतीय टीम की ओर से अनुभवी बल्लेबाज करुण नायर को भी मौका मिला है. करुण नायर 8 साल से ज्यादा समय बाद टेस्ट क्रिकेट खेलने उतरे हैं. इससे पहले करुण ने अपना आखिरी टेस्ट 25 मार्च 2017 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धर्मशाला में खेला था. उसके बाद उन्हें भारत के लिए पहली बार खेलने का चांस मिला है.
करुण नायर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उस धर्मशाला टेस्ट के बाद 77 मैच मिस किए. ये भारत के लिए दो टेस्ट मैचों के बीच चौथा सबसे लंबा अंतराल है. करुण ने इस मामले में अभिनव मुकुंद को पछाड़ दिया है, जिन्होंने 56 टेस्ट मैचों से बाहर रहने के बाद टीम में वापसी की थी. तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट ने 2010 से 2022 के बीच 118 टेस्ट मैच मिस किए, जो भारतीय खिलाड़ियों में सबसे लंबा अंतराल है.
भारत के लिए दो टेस्ट मैचों के बीच सर्वाधिक अंतराल 118 जयदेव उनादकट (2010-22) 87 दिनेश कार्तिक (2010-18) 83 पार्थिव पटेल (2008-16) 77 करुण नायर (2017-25)* 56 अभिनव मुकुंद (2011-17)
इस मुकाबले में साई सुदर्शन भी उतरे हैं, जिनका ये डेब्यू टेस्ट मैच है. साई सुदर्शन का फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में औसत महज 39.93 है. किसी टॉप-आर्डर बल्लेबाज का फर्स्ट क्लास में 40 से कम औसत होना सही नहीं माना जाता है. काफी समय बाद ऐसा देखने को मिला है, जब 40 से कम का फर्स्ट क्लास औसत रखने वाले किसी टॉप ऑर्डर बल्लेबाज का भारत की ओर से टेस्ट डेब्यू हुआ. इससे पहले आखिरी बार ऐसा जनवरी 1988 में हुआ था, तब भारत की ओर से वूर्केरी रमन ने चेन्नई में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था. तब उनका फर्स्ट क्लास औसत 40 से कम का था.
देखा जाए तो लीड्स के हेडिंग्ले क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए पिछले छह टेस्ट मैचों में जिस टीम ने दूसरी बल्लेबाजी की, उसने जीत हासिल की. इनमें से दो मैच पारी के अंतर से जीते गए, जबकि चार मैचों में टीमों ने 250 से ज्यादा का रनचेज सफलतापूर्वक किया.

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