
IDF ने 7 अक्टूबर हमले के मास्टरमाइंड का घर किया तबाह, ID कार्ड बरामद, सिर पर एक करोड़ का इनाम
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गाजा में इजरायली सेना का सैन्य अभियान अपने शबाब पर है. आईडीएफ द्वारा की जा रही गोलीबारी और बमबारी में हमास के आतंकियों की कमर टूट रही है. इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. इजरायली सेना ने 7 अक्टूबर हमले के मास्टरमाइंड का घर तबाह कर दिया है. लेकिन इस हमले में उसके मारे जाने की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है.
इजरायल और हमास के बीच चल रही जंग थमने का नाम नहीं ले रही है. लगातार अंतरराष्ट्रीय समुदाय के द्वारा मिल रहे दबाव के बावजूद इजरायल गाजा में पीछे हटने का नाम नहीं ले रहा है. इजरायली सेना द्वारा की जा रही गोलीबारी और बमबारी में हमास के आतंकियों की कमर टूट चुकी है. इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है. इजरायली सेना ने 7 अक्टूबर हमले के मास्टरमाइंड का घर तबाह कर दिया है. इस हमले में उसके मारे जाने की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन उसका आईडी कार्ड बरामद किया गया है.
हमास के मिलिट्री विंग 'अल कासिम' के मुखिया मोहम्मद डाएफ को 7 अक्टूबर को इजरायल में हुए खौफनाक हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है. इस हमले के बाद इजरायल ने उसके सिर पर 10 लाख अमेरिकी डॉलर यानी की करीब एक करोड़ रुपए का इनाम रखा था. उसके बाद से ही उसकी तलाश की जा रही है. इसी बीच आईडीएफ ने दावा किया है कि उसने उसका घर हवाई हमले में ध्वस्त कर दिया है. इजरायल डिफेंस फोर्सेस के अधिकारियों को मो. डाएफ का पहचान पत्र भी मिला है, जो कि हिब्रू और अरबी भाषा में है.
आईडीएफ ने अपने हमले में कई आतंकवादियों के मारे जाने का भी दावा किया है. उसके मुताबिक, हमास के हेडक्वार्टर के रूप में कार्यरत एक इमारत को बमबारी में नेस्तनाबूद कर दिया गया. इजरायली सेना के जवानों ने पहले फर्जी फायरिंग की ताकि आतंकी उस इमारत के अंदर जाकर छुप जाएं. उसके बाद इजरायली एयरफोर्स को उस इमारत पर हमले के लिए इशारा किया गया. इस बमबारी में सभी आतंकी मारे गए. इसी तरह गाजा के अल-शती के इलाके में तीन आतंकवादियों पर सीधे हमले करके खत्म कर दिया गया.
इजरायल ने गाजा में सैन्य अभियान का किया विस्तार
पिछले ढाई महीने से हमास के सफाए में जुटे इजरायल अब मध्य गाजा में अपने सैन्य अभियान का विस्तार करने जा रहा है. उसकी सेना ने मध्य गाजा के अल-बुरेजी रिफ्यूज़ी कैंप में रह रहे लोगों को दक्षिण की तरफ जाने को कहा है. इजरायली सैनिकों का दावा है कि इस इलाके में हमास का ठिकानों हो सकता है. इसे तबाह करना जरूरी है. आईडीएफ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अल-बुरेजी रिफ्यूज़ी कैंप में रह रहे लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए तत्काल डेयर अल-बलाह में शरण लेनी चाहिए.
इजरायली आदेश के बाद बड़ी तादाद में फिलिस्तीनी सुरक्षित जगहों पर जाते दिखे हैं. इसी बीच एक शरणार्थी हार्टम अली ने कहा, ''हम कहां जाएं? ऐसा कोई क्षेत्र नहीं बचा जहां बमबारी न हुई हो. हमारे घरों पर बमबारी की गई है. जैसा कि आप देख सकते हैं, हर कोई भाग रहा है. हम कहां जाएं? महंगाई, बमबारी, कब्ज़े के कारण हमारा जीवन नहीं चल पा रहा है. इसकी वजह से चैन बैठने के लिए हमारे पास कोई जगह नहीं है. हम बर्बाद हो गए हैं. हम कहां जाएं? बहुत हो गया, अब हम पर रहम करो.''

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