
DNA ANALYSIS: PM मोदी का सबसे यादगार इंटरव्यू, 20 वर्ष पहले कश्मीर पर कही थी ये बात
Zee News
पीएम मोदी का पहला इंटरव्यू 12 जुलाई 2001 का है यानी गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से पहला का और दूसरा इंटरव्यू वर्ष 2018 का है यानी प्रधानमंत्री बनने के बाद का है. कैलेंडर बदल गया. देखते-देखते 20 वर्ष गुजर गए. नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री बन गए, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का अंदाज, तेवर और व्यक्तित्व आज भी वैसा ही है.
नई दिल्ली: ज़ी न्यूज़ आपके साथ अपने रिश्ते की 26वीं वर्षगांठ मना रहा है. इस रिश्ते को सेलिब्रेट करने के लिए हम हर दिन यादों की पुरानी एलबम के कुछ सुनहरे पन्ने खोलते हैं. आज हमने आपके लिए इस स्वर्णिम यात्रा की चौथी इंस्टॉलमेंट तैयार की है, जिससे आपको भी मुस्कुराने की एक सुंदर और छोटी सी वजह भी मिलेगी. इस कड़ी में आज हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो इंटरव्यू का एक छोटा सा हिस्सा लेकर आए हैं. उनका पहला इंटरव्यू 12 जुलाई 2001 का है यानी गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से पहला का और दूसरा इंटरव्यू वर्ष 2018 का है यानी प्रधानमंत्री बनने के बाद का है. कैलेंडर बदल गया. देखते-देखते 20 वर्ष गुजर गए. नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री बन गए, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का अंदाज, तेवर और व्यक्तित्व आज भी वैसा ही है.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









