
DNA ANALYSIS: जैसलमेर बॉर्डर पर BSF की महिला कमांडोज के शौर्य की कहानी, पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट
Zee News
जैसलमेर में थार के रेगिस्तानी हिस्से में सुबह भले ही थोड़ी राहत देने वाली हो, लेकिन दोपहर आने तक रेत भरी गर्म हवाएं, हौसला पस्त करने कोशिशें शुरू कर देती हैं. पर इन हालात में भी यहां तैनात महिला कमांडोज डटी हुई हैं और ये कहानी इन्हीं की है.
नई दिल्ली: आज हम आपको राजस्थान के जैसलमेर की एक यात्रा पर ले जाना चाहते हैं. राजस्थान की तकरीबन 500 किलोमीटर की सीमा पाकिस्तान से लगती है, जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भारत की फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस यानी BSF के पास है. राजस्थान की ऐसी ही एक सीमा जैसलमेर में है. जैसलमेर थार रेगिस्तान का हिस्सा है, जहां ड्यूटी करने का मतलब है, हर वक्त खतरे से खेलना .यहां पाकिस्तान जैसे दुश्मन का खतरा तो हर वक्त रहता ही है. साथ ही कुछ दुश्मन अदृश्य भी हैं, जो छिपकर या घात लगाकर डंक मारते हैं. हालांकि प्रतिकूल माहौल में भी महिला कमांडोज दिन-रात यहां ड्यूटी करती हैं. उनकी हिम्मत को न तो तपती धूप पिघला सकती है और न ही रेतीला तूफान उनके चट्टानी हौसले को पस्त कर सकता है. उन्हें न तो दुश्मन की गोली का डर है और न ही रेत में छिपे सांप, बिच्छु जैसे अदृश्य दुश्मनों का. Zee News ने इस बॉर्डर पर पूरा एक दिन बिताया. हमने अपने कैमरे में यहां के सबसे मुश्किल हालातों को कैप्चर किया और आपके लिए एक ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की है.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









