
Covid-19: दुनिया के सबसे ऊंचे गांव में 100% लोगों को लगी Corona Vaccine, यूं सफल हुआ अभियान
Zee News
100% Vaccination in Komic Village: जिले के एडीएम ने बताया कि स्पीति बर्फबारी के कारण कई महीनों तक अन्य हिस्सों से कटा रहता है. प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के पास अभियान को सफल बनाना आसान नहीं था. इसके बावजूद टीम ने ये अभियान पूरा किया.
नई दिल्ली: साल में करीब 6 महीने तक बर्फ से ढ़के रहने वाले हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के लाहौल स्पीति (Lahual Spiti) जिले के एक गांव में नया रिकार्ड बना है. दुनिया के इस सबसे ऊंचे मोटरेबल गांव कोमिक (Komic) में कोरोना टीकाकरण (Corona Vaccination) का काम 100 फीसदी हो चुका है. लांगचा पंचायत के दायरे में 4587 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस गांव ने ये शानदार उपलब्धि हासिल की है. इस गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम में कुलवंत सिंह, आशा वर्कर पदमा ने टीकाकरण किया है. गौरतलब है कि देश के कुछ जिलों के ग्रामीण इलाकों में कोरोना वैक्सीन को लेकर फैली अफवाहों के बीच कई लोगों ने वैक्सीन लगवाने से इनकार किया था वहीं इस सुदूरवर्ती गांव के लोगों ने इतिहास रच दिया है.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









