
'CCPA की बैठक में होगा संसद के विशेष सत्र की मांग पर फैसला', बोले केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल
AajTak
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बुधवार को कहा, 'हमें इस संबंध में कई पत्र मिले हैं. पहलगाम आतंकवादी हमले को लेकर संसद के विशेष सत्र की कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों की मांग पर CCPA (कैबिनेट कमेटी ऑन पार्लियामेंट्री अफेयर्स) फैसला करेगी. CCPA का जो भी फैसला होगा, उसके बारे में सभी को जानकारी दे दी जाएगी.'
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बुधवार को कहा कि संसदीय मामलों की कैबिनेट कमेटी कई विपक्षी दलों की मांग पर फैसला करेगी, जिसमें संसद का विशेष सत्र बुलाने की भी मांग शामिल है. उन्होंने विपक्ष की मांग पर बोलते हुए कहा कि इस संबंध में हमें कई पत्र मिले हैं.
संसदीय कार्य विभाग में राज्य मंत्री और कानून मंत्रालय में स्वतंत्र प्रभार संभाल रहे मेघवाल ने विपक्ष की संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, 'हमें इस संबंध में कई पत्र मिले हैं. पहलगाम आतंकवादी हमले को लेकर संसद के विशेष सत्र की कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों की मांग पर CCPA (कैबिनेट कमेटी ऑन पार्लियामेंट्री अफेयर्स) फैसला करेगी. CCPA का जो भी फैसला होगा, उसके बारे में सभी को जानकारी दे दी जाएगी.
कई विपक्षी नेताओं ने की मांग
वहीं, मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर 22 अप्रैल के आतंकवादी हमले के बाद सामूहिक समाधान प्रस्तुत करने के लिए संसद का सत्र बुलाने की मांग की. इस आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे.
दरअसल, बुधवार को पीएम आवास पर CCPA बैठक होनी है. जिसमें कई कैबिनेट मंत्री हिस्सा लेंगे. इस बैठक में भाग लेने के लिए गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पीएम आवास पहुंच गए हैं.
CCS की दूसरी बैठक शुरू

NATO बिना अमेरिका के युद्धाभ्यास कर रहा है. यानी अब वर्ल्ड ऑर्डर बिना अमेरिका के तय हो रहा है और इसे बर्दाश्त करना उसके लिए मुश्किल हो रहा है. इसलिए अमेरिका अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए किसी को टैरिफ की धमकी दे रहा है, किसी को युद्ध की धमकी दे रहा है.अब अमेरिका ने ईरान पर हमला ना करने के बदले अपनी कई शर्तें मानने की चेतावनी दी है. ऐसे में सवाल है क्या अमेरिका अपने वर्चस्व को बरकरार रखने के लिए कोई बड़ा कदम उठा सकता है? देखें ब्लैक एंड व्हाइट.

देश की सर्वोच्च अदालत ने UGC के नए नियमों से सामान्य वर्ग को नफरती करके फंसाए जाने की आशंका को गंभीरता से लिया है. कॉलेज कैंपस में भेदभाव रोकने के नाम पर 13 जनवरी के नियमों को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है. इसके बाद सामान्य वर्ग की राजनीतिक ताकत और इस मुद्दे के व्यापक मायनों पर चर्चा तेज हो गई है. जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए इन नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक ने इसके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

प्रयागराज माघ मेले से लौटे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने सरकार को गोहत्या और मांस निर्यात के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी है. शंकराचार्य ने साफ कहा है कि अगर सरकार द्वारा निर्धारित शर्तें पूरी नहीं की गईं, तो वे मुख्यमंत्री को नकली हिंदू घोषित करेंगे. यह बयान राजनीतिक और सामाजिक विवादों को जन्म दे सकता है क्योंकि गोहत्या और मांस निर्यात जैसे मुद्दे प्रदेश के भीतर संवेदनशील विषय हैं.










