
नाइट नहीं अब भक्ति लाइफ... बदलेगी दिल्ली की तस्वीर, भजन क्लबिंग से लेकर यमुना क्रूज तक का मास्टरप्लान रेडी
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दिल्ली सरकार के इस मास्टरप्लान के जरिए टूर गाइड, इवेंट मैनेजमेंट और स्थानीय कारीगरों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे. सरकार का लक्ष्य दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'ग्लोबल स्पिरिचुअल सेंटर' के रूप में स्थापित करना है.
देश की सियासी राजधानी दिल्ली अब केवल सत्ता का केंद्र नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की वैश्विक पहचान बनने की ओर बढ़ रही है. दिल्ली सरकार ने राजधानी को ‘धार्मिक पर्यटन हब’ के रूप में विकसित करने के लिए एक व्यापक और दूरदर्शी मास्टरप्लान तैयार किया है, जिसमें आस्था, आधुनिकता और रोजगार तीनों का संगम दिखाई देगा.
चेन्नई में आयोजित टूरिज्म समिट 2026 के दौरान दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने इस महत्वाकांक्षी योजना का रोडमैप प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि दिल्ली की पहचान केवल राजनीतिक राजधानी तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई ऊंचाई दी जाएगी.
इस मास्टरप्लान की सबसे अनोखी और चर्चित पहल ‘भजन क्लबिंग’ है. इसके तहत भक्ति संगीत, भजन और कीर्तन को आधुनिक साउंड, लाइटिंग और इवेंट फॉर्मेट में प्रस्तुत किया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे युवा पीढ़ी आध्यात्मिकता से एक नए, आकर्षक और सकारात्मक तरीके से जुड़ेगी.
स्पेशल धार्मिक रूट्स: मंदिरों को जोड़ने की योजना
दिल्ली के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों को जोड़ने के लिए विशेष धार्मिक पर्यटन रूट्स विकसित किए जाएंगे. इनमें कालकाजी मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर (बिड़ला मंदिर), कनॉट प्लेस का हनुमान मंदिर, प्राचीन जैन-सिख स्थल और ऐतिहासिक धरोहरें शामिल होंगी. इन रूट्स पर बेहतर सड़क, पार्किंग, डिजिटल गाइड और वर्ल्ड-क्लास टूरिस्ट सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
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