
क्या अमेरिका के बगैर ही तय हो रहा न्यू वर्ल्ड ऑर्डर? देखें ब्लैक & व्हाइट
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NATO बिना अमेरिका के युद्धाभ्यास कर रहा है. यानी अब वर्ल्ड ऑर्डर बिना अमेरिका के तय हो रहा है और इसे बर्दाश्त करना उसके लिए मुश्किल हो रहा है. इसलिए अमेरिका अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए किसी को टैरिफ की धमकी दे रहा है, किसी को युद्ध की धमकी दे रहा है.अब अमेरिका ने ईरान पर हमला ना करने के बदले अपनी कई शर्तें मानने की चेतावनी दी है. ऐसे में सवाल है क्या अमेरिका अपने वर्चस्व को बरकरार रखने के लिए कोई बड़ा कदम उठा सकता है? देखें ब्लैक एंड व्हाइट.

'ऐसे बनेंगे विश्वगुरु...', सिलेंडर के लिए लाइन में खड़े बच्चे ने ऐसा क्या कहा कि हो गया वायरल; देखें
मध्य प्रदेश के छतरपुर शहर के पन्ना रोड पर खुले स्वरूप गैस एजेंसी के गोदाम से लोगों को LPG गैस सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं और लोग घरेलू गैस सिलेंडर के लिए लंबी-लंबी कतार में लगे हुए हैं. इसी लाइन में लगे एक 14 वर्षीय लड़के ने अपनी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सबके होश उड़ा दिए,जिसका वीडियो जबरदस्त वायरल हो रहा है. देखिए.

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में LPG सिलेंडर की कमी से ज्यादातर खाने पीने के स्टॉल परेशान है. और इससे खाना पकाने का भी खर्चा बढ़ गया है, क्योंकि कमर्शियल गैस नहीं मिलने की वजह से कई लोगों मे कोयले की भट्टी और इलेक्ट्रिक स्टोव का इस्तेमाल करना शुरु कर दिया है. कुछ दुकानदारों ने ये बढ़ा हुआ खर्च ग्राहकों पर डाल दिया है.

बिहार समेत 10 राज्यों में राज्यसभा की 37 सीटों के लिए हुए चुनाव में कई दिलचस्प नतीजे सामने आए. बिहार, ओडिशा और हरियाणा को छोड़कर अन्य सात राज्यों में 26 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए. वहीं, बिहार की सभी पांच सीटें एनडीए ने जीतीं, जबकि ओडिशा में बीजद और कांग्रेस विधायकों की क्रॉस-वोटिंग के कारण भाजपा को दो सीटें मिलीं. हरियाणा में मतपत्र की गोपनीयता को लेकर विवाद के कारण मतगणना करीब 5 घंटे तक रुकी रही.

दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर की कमी से लोगों की परेशानी बढ़ गई है, खासकर झुग्गी बस्तियों में रहने वाले परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. गोविंदपुरी के नवजीवन कैंप में कई घरों में खाना बनना बंद हो गया है. पहले 900 रुपये का सिलेंडर अब ब्लैक मार्केट में 4,000 रुपये तक बिक रहा है, जबकि खुले में बिकने वाली गैस 400 रुपये प्रति किलो मिल रही है. कई लोग लकड़ी से खाना बना रहे हैं और गैस एजेंसियों की ओर से मदद नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं.









