
तेल का खेल! रूस की जगह अब वेनेजुएला बनेगा भारत का ऑयल पार्टनर, ट्रंप ने दिया ये बड़ा ऑफर
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अमेरिका ने भारत को संकेत दिया है कि वह वेनेजुएला से कच्चा तेल फिर खरीद सकता है, ताकि रूसी तेल के आयात में की जा रही बड़ी कटौती की भरपाई हो सके. रूसी तेल से जुड़े टैरिफ बढ़ने के बाद भारत आने वाले महीनों में आयात घटाकर 5 से 6 लाख बैरल प्रतिदिन तक ला सकता है. अमेरिका रूस की तेल आय से यूक्रेन युद्ध की फंडिंग रोकना चाहता है.
अमेरिका ने भारत से कहा है कि वह जल्द ही वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदना दोबारा शुरू कर सकता है. रॉयटर्स से बात करने वाले मामले से जुड़े तीन सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका इस सप्लाई को रूसी तेल के विकल्प के तौर पर पेश कर रहा है, क्योंकि भारत रूसी तेल का आयात तेजी से घटाने जा रहा है.
यह पहल ऐसे समय पर हुई है, जब वॉशिंगटन की ओर से रूसी तेल आयात से जुड़े टैरिफ बढ़ाने के बाद भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद में बड़ी कटौती का वादा किया है. सूत्रों के अनुसार, आने वाले महीनों में भारत रूसी तेल का आयात कई लाख बैरल प्रतिदिन तक घटाने की तैयारी में है.
वेनेजुएला से तेल खरीदने वालों पर लगा दिया था टैरिफ
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मार्च 2025 में वेनेजुएला का तेल खरीदने वाले देशों, जिनमें भारत भी शामिल है, पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था. इसके साथ ही उनकी सरकार ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ अभियान तेज किया था, जिन्हें 3 जनवरी को अमेरिकी बलों ने पकड़ लिया था.
लेकिन कौन बेचेगा वेनेजुएला का तेल?
इसके बाद अमेरिका के रुख में बदलाव के संकेत मिले. वॉशिंगटन ने नई दिल्ली से कहा कि वह रूसी सप्लाई में कमी की भरपाई के लिए वेनेजुएला से तेल खरीद फिर शुरू कर सकता है. यह कदम रूस के तेल निर्यात से होने वाली आय को सीमित करने की अमेरिकी रणनीति का हिस्सा है, जिससे यूक्रेन युद्ध को फंडिंग मिल रही है. सूत्रों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वेनेजुएला का तेल किसी निजी ट्रेडिंग कंपनियों के जरिए बेचा जाएगा या सीधे वहां की सरकारी तेल कंपनी के माध्यम से.

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