
Boycott China: ये 50 चाइनीज सामान... जो हर घर में होता है, विरोध यहां से शुरू करें, फिर चीन जाएगा बौखला!
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Boycotts of Chinese Products: अगर हकीकत में चीन को सबस सिखाना है तो फिर हर भारतीय को संकल्प लेना होगा, कि वो चाइनीज प्रोडक्ट्स का बहिष्कार करेंगे, और स्वदेशी को खरीदेंगे. इसके लिए केवल इच्छाशक्ति की जरूरत है.
चीन को सबक सिखाना है, पीएम मोदी भी कह रहे हैं कि चाइनीज प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना बंद कर दें. वैसे आज की तारीख में हर घर चाइनीज सामान इस्तेमाल हो रहे हैं. अधिकतर लोगों को तो ये पता नहीं होता है कि वो जो सामान खरीद रहे हैं वो भारतीय है या चाइनीज. पिछले दो दशक में तेजी से चीनी आयात भारत में बढ़ा है.
दरअसल, साल 2020 में भारतीय और चीनी सेना के बीच गलवान घाटी में हिंसक झड़प हुई थी. इस झड़प में भारत के एक कमांडर समेत 20 सैनिक शहीद हो गए थे. जिसके बाद से चाइनीज सामान का भारत में बायकॉट चल रहा है. पिछले 4 वर्षों में उसका असर भी हो रहा है, लोग स्वदेशी सामानों का इस्तेमाल करने लगे हैं. लेकिन अभी भी बड़े पैमाने पर रसोई सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स से लेकर पूजा-पाठ के सामान चीन से आयात हो रहे हैं, जो कि चिंता का विषय है.
कैसे करें चाइनीज प्रोडक्ट्स का विरोध?
अगर हकीकत में चीन को सबस सिखाना है तो फिर हर भारतीय को संकल्प लेना होगा, कि वो चाइनीज प्रोडक्ट्स का बहिष्कार करेंगे, और स्वदेशी को खरीदेंगे. इसके लिए केवल इच्छाशक्ति की जरूरत है. साथ ही अगर आप 'मेड इन इंडिया' प्रोडक्ट्स खरीदेंगे, तो घरेलू उद्योग को ताकत मिलेगी, और देश तेजी से तरक्की करेगा.
चीन पर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है, अभी जब भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनातनी बढ़ी, तो चीन का असली चेहरा सामने आ गया. वो अंदरखाने पाकिस्तान को मदद पहुंचाने लगा. ऐसे में अगर चीन भारत के खिलाफ साजिश रचता है और फिर भारत के बड़े बाजार का फायदा उठाना चाहता है तो उसे रोकना हर भारतीय का कर्तव्य होता है. अब जब आप 'मेड इन चाइना' सामान नहीं खरीदेंगे, और फिर धीरे-धीरे बाजार से चाइनीज प्रोडक्ट्स गायब हो जाएंगे, क्योंकि डिमांड घटते ही आयात पर उसका असर होगा और तब जाकर चीन को आर्थिक झटका लगेगा, तब उसे समझ में आएगा कि भारत अब आगे बढ़ चुका है और हर भारतीय जाग चुका है. पिछले कुछ वर्षों में चीन से आयात खासकर खिलौने और मूर्तियों जैसे सामानों का विरोध सबसे ज्यादा देखा गया है, क्योंकि ये सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से संवेदनशील हैं.
नीचे उन चीनी सामानों की सूची दी गई है, जो सीधे चीन से आयात होते हैं, जिन पर 'मेड इन चाइना' या 'मेड इन पीआरसी' लिखा होता है, ऐसे सामान को बिल्कुल न खरीदें.

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