
Anneliese Michel Exorcism: लड़की के शरीर में रह रही थीं 6 शैतानी आत्माएं, परिवार ने सोचा न था कि ऐसे होगी मौत
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जर्मनी के बवारिया शहर में 21 सितंबर 1951 को एनालिस मिशेल का जन्म हुआ. 16 साल की उम्र में उसे टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी नामक बीमारी हो गई. कई जगह इलाज करवाया, लेकिन वह ठीक नहीं हुई. उसके माता-पिता ने फिर पादरियों को दिखाया, जिसके बाद पता चला कि एनालिस के शरीर में 6 शैतानी आत्माएं रह रही हैं. उसके बाद एनालिस के साथ क्या हुआ, जानने के लिए पढ़िए ये रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी…
दुनिया के कई लोग भूत-पिशाच पर विश्वास करते हैं, तो कई लोग इसे महज वहम मानते हैं. मगर, ये ऐसी सच्ची कहानी है, जिसे सुनकर आपको भी आत्माओं पर यकीन होने लगेगा. यह कहानी इसलिए भी अहम है क्योंकि यह उस देश की है, जहां विज्ञान पर, तर्क पर विश्वास किया जाता है. जहां अंधविश्वास की कोई जगह नहीं है.
कहानी है एनालिस मिशेल (Anna Elisabeth Michel- Anneliese Michel) की. उसका जन्म जर्मनी के बवारिया शहर में 21 सितंबर 1952 को हुआ था. परिवार इसाई धर्म से ताल्लुक रखता था. वे लोग धर्म को लेकर बेहद कट्टर थे. वो ईश्वर को मानते और अपने धर्म का प्रचार करते. परिवार वालों को देखकर एनालिस ने भी यही सोचा था कि वह बड़े होकर अपने धर्म का प्रचार करेगी. मगर, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.
टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी बीमारी की शिकार हुई एनालिस जब एनालिस 16 साल की हुई, तो वह टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी (temporal lobe epilepsy) नाम की बीमारी का शिकार हो गई. इस बीमारी में मरीज न सिर्फ अपनी याददाश्त खोने लगता है, बल्कि उसका अपने शरीर पर कोई कंट्रोल नहीं रहता. एनालिस के परिवार ने उसे पहले अपने गुरू को दिखाया. जब गुरू इस बीमारी को ठीक करने में नाकामयाब रहे, तो परिवार एनालिस को डॉक्टर के पास ले गया. मगर, पांच साल तक के लंबे ट्रीटमेंट के बावजूद एनालिस ठीक नहीं हो पाई.
न खुलकर हंसती थी, न खुलकर रोती थी बच्ची की तबीयत दिन ब दिन खराब होती जा रही थी. वह अजीबोगरीब हरकतें करती, जिसे देखकर परिवार और परेशान हो गया. फिर उन्होंने ये समझ लिया कि उनकी बेटी को कोई बीमारी नहीं है. उसके अंदर किसी भूत-प्रेत का वास हो गया है. इसके बाद एनालिस के माता-पिता ने सोचा कि इसे चर्च में किसी पादरी को दिखाना चाहिए.
उससे पहले उन्होंने एस्ट्रो ओड नाम शख्स को घर बुलाया, जो उनकी जान पहचान का था. एस्ट्रो ने देखा कि एनालिस फर्श पर पड़ी हुई है. जैसे ही एनालिस ने एस्ट्रो को देखा, तो फर्श पर ही पेशाब कर दिया और उसे चाटने लगी. इसके बाद वह पास पड़े कोयले के टुकड़े को खाने लगी. इस दौरान एस्ट्रो ने नोट किया कि एनालिस के चेहरे पर एक अजीब सी हंसी है. वो न खुलकर हंसती है और न खुलकर रोती है. वह एक ही एक्सप्रेशन देती है, वो भी अजीब सी हल्की सी हंसी का. वह तुरंत समझ गया कि एनालिस के अंदर किसी शैतानी आत्मा का वास है.
शरीर में रह रहीं थी 6 आत्माएं एस्ट्रो ने एनालिस के माता-पिता को सलाह दी एनालिस का झाड़-फूंक (Exorcism) या तंत्र-मंत्र से इलाज करवाना चाहिए. एनालिस के माता-पिता ने एस्ट्रो की बात मान ली. इसके बाद दो पादरियों ने पहली बार एनालिस पर तंत्र-मंत्र की क्रिया की. पादरियों ने बताया कि एनालिस के अंदर एक दो नहीं, बल्कि 6 शैतानी आत्माओं का वास है. जैसे ही पहला झाड़-फूंक का काम किया गया. उसके बाद से ही वे 6 शैतानी आत्माएं गुस्सा हो गईं. एनालिस की हालत पहले से और भी ज्यादा खराब हो गई.

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