
14 साल की लड़की को स्कूल ने पीरियड्स पर बोलने से रोका, लोग बोले- टैबू खत्म करो
AajTak
महिला के ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर पीरियड के दौरान स्वच्छता और इसे लेकर जो सामाजिक वर्जनाएं हैं, उस पर चर्चा शुरू हो गई. यूजर्स ने इसपर रिएक्ट किया है.
पीरियड्स को लेकर एक महिला के ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. महिला ने बताया कि स्कूल में उसकी बेटी को पीरियड्स के टॉपिक पर ये कहकर बोलने से रोक दिया गया कि यह विषय सही नहीं है. इसे लेकर महिला ने सवाल उठाए हैं. उसने पूछा कि पीरियड्स कब से गलत विषय हो गया? महिला के ट्वीट पर तमाम यूजर्स ने रिएक्ट किया है.
दरअसल, अमेरिका के Maryland में रहने वाली इस महिला का नाम Kami Garcia है. उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से हाल ही में एक ट्वीट किया. अपने इस ट्वीट में उन्होंने लिखा- "मेरी 14 साल की बेटी को उसके साथियों ने हाईस्कूल में पीरियड्स पर अपना निबंध प्रस्तुत करने के लिए चुना था, लेकिन स्कूल प्रशासन को नहीं लगता कि मेरी बेटी को इसमें भाग लेना चाहिए क्योंकि विषय अनुचित है. पीरियड्स कब से हाईस्कूल के लिए अनुपयुक्त विषय हो गया?"
My 14 year old daughter was selected by her peers to present her oratorical essay on the stigma of periods to the high school, but the administration doesn’t think my daughter should present because the topic is inappropriate.
Kami Garcia के इस ट्वीट पर कई यूजर्स ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी. किसी ने कहा ये टैबू खत्म करो तो किसी ने स्कूल की इस हरकत को गलत बताया.
ट्विटर पर पीरियड के दौरान स्वच्छता और इसे लेकर जो सामाजिक वर्जनाएं हैं, उस पर चर्चा शुरू हो गई. एक यूजर ने कहा कि अगर पुरुष पीरियड्स पर बात कर सकते हैं तो लड़कियां क्यों नहीं. वहीं एक अन्य यूजर ने कहा कि ये एक नेचुरल प्रक्रिया है, इसपर बात करने की मनाही समझ से परे है.
Update: School is letting my daughter give her presentation about period stigma & period poverty to the HS! She also wants to get involved in raising awareness of anyone knows of any youth organizations, etc.

सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.










