
हिमाचल-उत्तराखंड से राजस्थान तक... बारिश से हाहाकार, केदारनाथ में पहाड़ दरकने से दहशत, देखें वीडियो
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मॉनसून की बरसात कुछ राज्यों में आफत बनकर बरस रही है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से जगह-जगह लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आ रही है, जिसके कारण लोग दहशत में हैं.
मॉनसून की बरसात वैसे तो पूरे देश में हो रही है, लेकिन पहाड़ों पर इसकी वजह से लैंडस्लाइड, फ्लैश फ्लड जैसी घटनाओं से बड़ी तबाही हो रही है. मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के देहरादून, टिहरी चंपावत, नैनीताल, चमोली और बागेश्वर में आज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है.
बारिश की वजह से हिमाचल में नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. वीडियो में आप देख सकते हैं कि मारकंडा में नदी के तेज बहाव में हनुमान मंदिर जलमग्न हो गया है. वहीं, सिरमौर जिले की मारकंडा नदी में आए उफान के कारण कुछ लोग टापू पर फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए जेसीबी मशीन का सहारा लेना पड़ा.
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में बारिश कहर बनकर बरस रही है. धर्मशाला में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते सड़कें टूट गई हैं, जिसकी वजह से यातायात बाधित हुआ है.
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भयानक लैंडस्लाइड देखने को मिला. भारी बारिश के कारण पहाड़ दरकने लगे और बड़ी-बड़ी चट्टानें धूल के गुबार के साथ सड़क मार्ग पर गिर गईं. केदारनाथ के पैदल मार्ग पर भी लैंडस्लाइड देखने को मिला. एक बड़ा पहाड़ टूटकर मंदाकिनी नदी में समा गया, जिसकी वजह से नदी का बहाव रुक गया और ऊपरी हिस्से में एक तालाब बन गया. इस घटना को देखते हुए प्रशासन ने गौरीकुंड से लेकर रुद्रप्रयाग तक अलर्ट जारी किया है और लोगों से मंदाकिनी नदी के तरफ ना जाने की अपील की है.
चमोली में बद्रीनाथ हाइवे पर पहाड़ दरकने से सड़क पर टूटे हुए पेड़ों और मलबे का ढेर लग गया, जिसकी वजह से गाड़ियों के आवागमन को रोका गया. हालांकि, लैंडस्लाइड के कारण बंद हुए हाइवे को खोलने की लगातार कोशिश की जा रही है.
हिमाचल प्रदेश में बारिश ने तबाही मचा दी है. लगातार बारिश की वजह से झरने और नदियां उफान पर है. ऊना में पानी के सैलाब में इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित फैक्ट्रियां ध्वस्त हो गई, जिसकी चपेट में आने से 12 लोगों की मौत हो गई और 3 लोग अभी भी लापता हैं.

वेस्ट एशिया में छिड़ी जंग के बाद पैदा हुए हालातों पर प्रधानमंत्री लोकसभा को संबोधित कर रहे हैं. इस बीच उन्होंने कहा कि अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है. इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है. इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है.












