
हाई रिटर्न का झांसा देकर 21 लाख की ठगी, दिल्ली पुलिस ने सीकर से 2 आरोपियों को दबोचा
ABP News
Delhi Crime News: दिल्ली पुलिस ने ऑनलाइन निवेश और 'वर्क फ्रॉम होम' के नाम पर 21.46 लाख रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों, नरेंद्र और प्रेम प्रकाश को सीकर, राजस्थान से गिरफ्तार किया है.
ऑनलाइन निवेश (Online Investment) और 'वर्क फ्रॉम होम' के नाम पर भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर लोगों को ठगने वाले साइबर अपराधियों पर दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. मध्य जिला (सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट) की साइबर सेल ने 21.46 लाख रुपये की ठगी के एक मामले का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान के सीकर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने 'प्रीपेड टास्क' और फर्जी निवेश के नाम पर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था.
इस मामले की शुरुआत पिछले साल हुई थी. पुलिस के मुताबिक, करोल बाग निवासी एक पीड़ित ने 13 नवंबर 2025 को साइबर थाने में ई-एफआईआर (e-FIR) दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ता को ऑनलाइन निवेश में भारी मुनाफे का झांसा दिया गया था. शुरुआत में ठगों ने पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए उसे छोटे-छोटे आसान टास्क पूरे करने को दिए. इसके बाद 'अकाउंट वेरिफिकेशन' और 'प्रीपेड टास्क' के नाम पर अलग-अलग बहानों से पैसे जमा करवाए जाने लगे. पीड़ित से किस्तों में कुल 21.46 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए. जब उसे कोई पैसा या मुनाफा वापस नहीं मिला, तब उसे अपने साथ हुई इस बड़ी ठगी का अहसास हुआ.
दिल्ली पुलिस की टीम ने शिकायत के आधार पर तुरंत तकनीकी जांच शुरू की. डिजिटल डेटा और बैंक खातों के लेन-देन (Money Trail) का बारीकी से विश्लेषण किया गया. जांच के दौरान पता चला कि ठगी गई रकम में से करीब 3 लाख रुपये का एक संदिग्ध ट्रांजेक्शन राजस्थान के सीकर स्थित एक बैंक खाते में हुआ है. इस सुराग के आधार पर पुलिस टीम सीकर पहुंची और खाताधारक सुरेंद्र से पूछताछ की. उसने खुलासा किया कि यह पैसा नरेंद्र नामक व्यक्ति ने उसके खाते में डलवाया था और बदले में उसने नरेंद्र को नकद रकम दे दी थी.
पुलिस की आगे की पूछताछ और कड़ियों को जोड़ने पर साइबर ठगी के इस 'कमीशन नेटवर्क' का अहम खुलासा हुआ. नरेंद्र ने ठगी की इस रकम में से 20 हजार रुपये अपना कमीशन रखा और बाकी 2.80 लाख रुपये प्रेम प्रकाश उर्फ लवली को दे दिए. इसके बाद प्रेम प्रकाश ने भी अपना 20 हजार रुपये का हिस्सा रखा और बचे हुए 2.60 लाख रुपये अंकित नाम के एक अन्य व्यक्ति को सौंप दिए.













