
सातारा ZP अध्यक्ष पद चुनाव विवाद को लेकर शिवसेना विधायकों का प्रदर्शन, CM ने जताई नाराजगी
ABP News
Maharashtra News: शिवसेना के विधायकों ने महाराष्ट्र विधानमंडल की सीढ़ियों पर बैठकर जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी की. इसके बाद शिवसेना और BJP नेताओं के बीच मामले को शांत करने के लिए बातचीत शुरू हुई.
सातारा जिला परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान हुए विवाद के बाद सोमवार (23 मार्च) को विधानमंडल में जोरदार असर देखने को मिला. जैसे ही शिवसेना मंत्री संभूराज देसाई ने यह मुद्दा उठाया, विधान परिषद की उपसभापति निलम गोर्हे ने तुरंत सातारा के पुलिस अधीक्षक तुषार दोषी को निलंबित करने के निर्देश दे दिए.
इसके बाद शिवसेना के विधायकों ने विधानमंडल की सीढ़ियों पर बैठकर जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी की. 'सातारा के एसपी का धिक्कार हो', 'मंत्रियों और विधायकों से धक्का-मुक्की करने वाले एसपी का धिक्कार हो.' जैसे नारे लगाए. इस आंदोलन से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नाराज नजर आए. उन्होंने सदन में आकर उपमुख्यमंत्री और शंभूराज देसाई से चर्चा की, जिसमें उनकी नाराजगी साफ दिख रही थी.
इसके बाद शिवसेना और बीजेपी नेताओं के बीच मामले को शांत करने के लिए बातचीत शुरू हुई. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम शिंदे के बीच फोन पर भी चर्चा हुई. इस दौरान फडणवीस ने शिवसेना विधायकों के सीढ़ियों पर किए गए आंदोलन पर असंतोष जताया.
इस पर एकनाथ शिंदे ने तुरंत जवाब देते हुए भाजपा विधायक जयकुमार गोरे के सातारा में व्यवहार पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा अगर शिवसेना विधायकों का आंदोलन गलत था, तो क्या जयकुमार गोरे का व्यवहार सही था? शिंदे के इस सवाल से दोनों दलों के बीच तनाव साफ दिखाई दिया.सूत्रों के मुताबिक, इस विवाद को सुलझाने के लिए जल्द ही शिंदे और फडणवीस के बीच बैठक हो सकती है. साथ ही, दोनों दलों के बीच समन्वय बनाए रखने के लिए पर्दे के पीछे कोशिशें जारी हैं.













