
'हमें आजादी दिलाने में चीन ने नहीं बल्कि भारत ने साथ दिया था', भारत आए बांग्लादेशी मंत्री ने और क्या कहा?
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बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं से मुलाकात की. मुलाकात के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान अवामी लीग के नेता और बांग्लादेश के कृषि मंत्री मुहम्मद अब्दुर रज्जाक ने कहा कि चीन भले ही हमारा डेवलपमेंट पार्टनर है. लेकिन बांग्लादेश में चीन के व्यापार करने से भारत को चिंता नहीं करनी चाहिए. चीनी कंपनियों को लेकर हम सतर्क हैं.
भारत दौरे पर आए बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच का रिश्ता सांस्कृतिक और भौगोलिक संबंधों से जुड़ा है. चीन या जमात-ए-इस्लामी की वजह से भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध प्रभावित नहीं होंगे.
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल के नेता और बांग्लादेश के कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि बांग्लादेश के लोग यह भूले नहीं हैं कि उनको आजादी दिलाने में चीन ने नहीं बल्कि भारत ने साथ दिया था. हमारे नेता बंगबंधु (शेख मुजीबुर रहमान) ने चीन से मदद मांगी थी, लेकिन चीन ने हमारा साथ नहीं दिया था.
भारत, बांग्लादेश का सबसे करीबी पड़ोसी है. ऐसे में बांग्लादेश में होने वाले आगामी आम चुनाव और क्षेत्रीय स्थिरता के मद्देनजर अवामी लीग के प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, अवामी लीग के प्रतिनिधिमंडल और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने मंगलवार को राजधानी दिल्ली में मुलाकात की. बैठक के दौरान हुई चर्चाओं में भी बांग्लादेश में होने वाले आगामी चुनाव और क्षेत्रीय स्थिरता प्रमुख था.
पश्चिमी देशों से हस्तक्षेप करने के लिए हसीना सरकार ने भारत से मांगी मदद
अवामी लीग के प्रतिनिधिमंडल का भारत दौरा शेख हसीना सरकार के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए पश्चिमी देश खासकर अमेरिकी की ओर से लगातार बांग्लादेश पर दबाव बनाया जा रहा है. बांग्लादेश की मुख्य विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने भी चुनाव कराने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है.
बीएनपी की मांग है कि आम चुनाव एक केयरटेकर प्रशासन के अधीन हो. इस मुद्दे पर पश्चिमी देशों से हस्तक्षेप करने के लिए बांग्लादेश की हसीना सरकार ने भारत से संपर्क किया है.

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