
'हमारे अल्लाह, पैगंबर और कुरान से है नफरत तो वो मुझे क्या पसंद करेंगे?' जब तकनीक चोरी के आरोप पर भड़के थे PAK के परमाणु बम के जनक
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पाकिस्तान के परमाणु जनक कहे जाने वाले डॉ. अब्दुल कदीर खान का रविवार को निधन हो गया. 85 साल के खान अपने देश के लिए राष्ट्रीय नायक तो माने ही जाते हैं साथ ही कई विवादों के चलते भी सुर्खियों में रहे हैं. कदीर खान पर विदेश से परमाणु बम बनाने की तकनीक चुराने के आरोप भी लगे. इसे लेकर एक बार कदीर ने कहा था, मुझे इन सब चीजों से बिल्कुल परेशानी नहीं होती है, वे हमारे अल्लाह को पसंद नहीं करते, हमारे पैगंबर को पसंद नहीं करते, हमारी पवित्र कुरान को भी पसंद नहीं करते हैं तो फिर वे मुझे कैसे पसंद कर सकते हैं.
पाकिस्तान के परमाणु बम के जनक कहे जाने वाले डॉ. अब्दुल कदीर खान का रविवार को निधन हो गया. 85 साल के परमाणु वैज्ञानिक खान पाकिस्तान के नेशनल हीरो तो माने ही जाते हैं, साथ ही कई विवादों के चलते भी सुर्खियों में रहे थे. 80 और 90 के दशक में उन्हें पाकिस्तान के सबसे पावरफुल लोगों की श्रेणी में भी शुमार किया जाता था. वहीं अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए के पूर्व डायरेक्टर जॉर्ज टेनेट ने उन्हें ओसामा बिन लादेन जितना खतरनाक व्यक्ति बताया था.

'PM मोदी की बहुत इज्जत करता हूं, जल्द अच्छी ट्रेड डील होगी', टैरिफ धमकियों के बीच ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.






