स्कूल-कॉलेज खुलने से कितना होगा तीसरी लहर का खतरा? जानें- हेल्थ एक्सपर्ट की राय
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स्कूल फिर से खुलने को लेकर अब तक कई रिपोर्ट्स सामने आ चुकी हैं. दुनिया के कुछ देशों में जहां जहां स्कूल खुले वहां किस तरह के हालात बने, अब आगे क्या तैयारी है. आइए इस विस्तृत रिपोर्ट में जानें.
मार्च 2020 से बंद चल रहे देशभर के स्कूल-कॉलेज खुलने को लेकर सरकार अभी निर्णय नहीं ले पा रही. इसके पीछे सबसे ज्यादा बड़ा डर कोविड-19 की थर्ड वेव का है. इसे लेकर दुनिया भर के हेल्थ एक्सपर्ट विचार कर रहे हैं. अब तक कई रिपोर्ट्स सामने आ चुकी हैं. दुनिया के कुछ देशों में जहां जहां स्कूल खुले वहां किस तरह के हालात बने, अब आगे क्या तैयारी है. आइए इस विस्तृत रिपोर्ट में जानें. साल 2020 का पूरा वक्त घरों से पढ़ाई कर रहे बच्चों में 2021 ने यह उम्मीद जताई थी कि शायद अब सबकुछ फिर पहले जैसा हो जाएगा. कई राज्य स्कूलों को खोलने की तैयारियां पूरी कर चुके थे. बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को लेकर कई राज्यों ने प्रॉपर कोविड प्रोटोकॉल के साथ स्कूल खोले भी थे. लेकिन दूसरी लहर ने सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. कोरोना का कहर शहरों के साथ साथ गांवों तक पहुंच गया. अब जब दूसरी लहर कुछ थमी है तो एक बार फिर से स्कूलों को खोले जाने की बात हो रही है. दुनिया की तमाम ऐसी रिपोर्ट्स का अध्ययन किया जा रहा है जिसमें बच्चों के लिए बेहतर निर्णय लिया जा सके. आइए जानते हैं कि ये रिपोर्ट्स और हेल्थ एक्सपर्ट किस ओर इशारा कर रहे हैं. क्या इस साल स्कूल-कॉलेज खुलने की उम्मीद है या नहीं, अगर स्कूल खुले भी तो कोरोना की थर्ड वेव आने का कितना खतरा रहेगा. भारत में फिलहाल वैक्सीनेशन करीब करीब आबादी के 10% लोगों तक पहुंचने वाला है. लेकिन एक्सपर्ट मानते हैं कि दूसरी लहर के घटने के साथ ही कई चिंताएं हैं. सबसे खास ये डर है कि जिस तरह वायरोलॉजिस्ट ने चेताया है कि तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक साबित होगी. इसके लिए तर्क दिया गया है कि एक तरफ वयस्क आबादी का टीकाकरण होगा लेकिन बच्चों में वायरस का प्रसार जारी रहेगा.
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