
सीट बेल्ट खोली, इमरजेंसी गेट से निकली, पानी में तैरती रही, तंजानिया प्लेन क्रैश में बचने वाली महिला की कहानी
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तंजानिया में छह नवंबर को एक यात्री विमान विक्टोरिया झील में क्रैश हो गया था. इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 24 लोगों को बचा लिया गया था. हादसे में बाल-बाल बची एक महिला ने उस भयावह घटना को याद करते हुए बताया कि मैं समय पर अपनी सीट बेल्ट हटाकर विमान से बाहर निकल पाई.
तंजानिया में बीते रविवार को एक यात्री विमान हादसे में 19 लोगों की जान चली गई थी. खराब मौसम की वजह से यह विमान विक्टोरिया झील में क्रैश हो गया था. विमान में कुल 43 लोग सवार थे. हादसे में 24 लोगों की जान बच गई थी, जिसमें 45 साल की एक महिला भी शामिल है. मैस्ट्रिडा सैमुअल नाम की महिला ने इस भयावह हादसे को याद करते हुए बताया कि मैं नहीं जानती कि मैं कैसे जीवित बची, सिर्फ भगवान जानता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैस्ट्रिडा ने बताया कि हम लैंड करने वाला थे लेकिन खराब मौसम और तेज बारिश की वजह से प्लेन झील में जा गिरा. मैं उस पल को भूला नहीं सकती, मैं उस वक्त बहुत बेबस महसूस कर रही थी. प्लेन के पानी में डूबते ही यात्री खुद को बचाने की जद्दोजहद करने लगे थे क्योंकि पानी तेजी से विमान के भीतर घुसना शुरू हो गया था.
वह बताती हैं कि जिस वजह से मेरी जान बच पाई, उसकी वजह यही थी कि मैं समय पर अपनी सीट बेल्ट हटाकर विमान से बाहर निकल पाई. विमान में पानी भर गया था इसलिए मुझे तैरकर बाहर निकलना पड़ा. विमान के एक क्रू मेंबर ने इमरजेंसी दरवाजा खोलने में मदद की. एक क्रू मेंबर ने विमान का इमरजेंसी दरवाजा खोलने में मेरी मदद की, जिस वजह से हम बाहर आ पाए.
बता दें कि मृतकों में कुछ वे लोग भी शामिल हैं, जो प्लेन क्रैश होने के बाद मदद के लिए भागे थे.
रिपोर्ट के मुताबिक, विमान क्रैश के बाद कुछ मछुआरे मदद के लिए दौड़कर घटनास्थल की ओर भागे. विमान में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे एक मछुआरे ने बताया कि वह प्लेन के पायलटों को बचाते-बचाते बेहोश हो गया था.
उसने बताया कि यात्री विमान के अंदर फंसे हुए थे. उन्हें बचाना आसान नहीं था. हम विमान के पिछले हिस्से की खिड़की तोड़कर अंदर घुसे. अंदर पानी ही पानी भरा हुआ था. लोग सीटों पर बेसुध पड़े थे. कुछ लोग सीट बेल्ट हटाने की कोशिश कर रहे थे.

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