
सियासी रंजिश के 50 साल और 11 मर्डर, नया नहीं बदायूं के सतरा गांव का खूनी खेल, जानें पूरी कहानी
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यूपी के बदायूं जिले में एक साथ तीन लोगों के कत्ल की वारदात ने सबको दहला दिया है. बेखौफ कातिलों ने घर में घुसकर इस संगीन वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए. मरने वालों में पूर्व ब्लॉक प्रमुख और सपा नेता राकेश गुप्ता, उनकी पत्नी और मां शामिल हैं.
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक साथ तीन लोगों के कत्ल की वारदात ने सबको दहला दिया है. बेखौफ कातिलों ने घर में घुसकर इस संगीन वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए. मरने वालों में पूर्व ब्लॉक प्रमुख और सपा नेता राकेश गुप्ता और उनकी पत्नी और मां शामिल हैं. तीनों को करीब से गोली मारी गई थी. कत्ल का इल्जाम भी गांव के ही 6 लोगों पर है, जिनमें से 2 हमलावर पुलिस के हत्थे चढ़ गए, लेकिन 4 अभी भी फरार हैं. अब खबर ये है कि इस ट्रिपल मर्डर के पीछे भी एक खूनी कहानी है, जो पिछले 50 सालों से चली आ रही है.
30 अक्टूबर 2022.. दिन- रविवार
बदायूं के उसहैत थाना क्षेत्र का सतरा गांव. शाम का वक्त था. पूर्व ब्लॉक प्रमुख और सपा नेता राकेश गुप्ता गांव में अपने घर पर ही थे. साथ में उनकी पत्नी और मां भी घर में मौजूद थीं. तभी बाइक पर सवार होकर कुछ लोग उनके घर पहुंचे और अंदर दाखिल होते ही उन्होंने राकेश गुप्ता, उनकी पत्नी और मां पर गोलियां बरसा दीं. गोलियों की आवाज सुनकर गांव वाले दहशत में आ गए. राकेश के भाई राजेश गुप्ता भी तेजी से मौके की तरफ भागे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी.
ट्रिपल मर्डर के बाद गांव में तनाव
राजेश और गांव वाले जब मौके पर पहुंचे तो वहां खून से सने तीन मुर्दा जिस्म पड़े थे. राकेश, उनकी पत्नी और मां अब इस दुनिया में नहीं थे. ट्रिपल मर्डर की इस वारदात को अंजाम देकर कातिल फरार हो चुके थे. पूरे गांव में एक अजीब सा सन्नाटा था. गांव का माहौल खौफ से भरा था. पुलिस को जब इस हत्याकांड की खबर मिली तो भारी फोर्स के साथ आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए. पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया.
6 लोगों के खिलाफ FIR

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