
'सरकार गिराना चाहती हैं विदेशी ताकतें'- इमरान खान ने किस पर लगाया आरोप? पेश किया सबूत
AajTak
इमरान खान ने कहा है कि विदेशी ताकतें उनकी सरकार को गिराना चाहती हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सरकार के खिलाफ विदेशी पैसे का इस्तेमाल किया जा रहा है. इमरान खान ने इसी बीच अपनी सरकार को बचाने के लिए पैगंबर की शिक्षाओं का हवाला दिया है.
पाकिस्तान में विपक्ष ने प्रधानमंत्री इमरान खान को सत्ता से हटाने के लिए कमर कस ली है. नेशनल एसेंबली में उनके खिलाफ सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव लाया जा रहा है. इसी बीच खान ने तहरीक-ए इंसाफ पार्टी की खातिर जनता का समर्थन जुटाने के लिए रविवार को इस्लामाबाद में एक विशाल रैली का आयोजन किया. इस रैली में इमरान खान ने बिना किसी देश का नाम लिए आरोप लगाया कि बाहरी ताकतें उनकी सरकार को हटाने, देश और उसकी अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने की साजिश रच रही हैं.
इमरान खान ने रैली के दौरान कहा, 'पाकिस्तान में सरकार बदलने की कोशिश में विदेशी धन का इस्तेमाल किया जा रहा है. हमारे लोगों का इस्तेमाल किया जा रहा है. कुछ लोग हमारे खिलाफ विदेशी पैसे का इस्तेमाल कर रहे हैं. हमें पता है कि किन-किन जगहों से, बाहर से हम पर दबाव डालने को कोशिश की जा रही है...हमें पता है.'
इमरान खान ने आगे कहा, 'हमें लिखकर धमकी दी जा रही है. हम देश के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करेंगे. विदेशों से हमारी विदेश नीति को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है. हम महीनों से इस साजिश के बारे में जानते हैं. हम उन लोगों के बारे में भी जानते हैं जिन्होंने इन लोगों (पाकिस्तान के विपक्षी दलों) को इकट्ठा किया है लेकिन समय बदल गया है. यह जुल्फिकार अली भुट्टो का युग नहीं है.'
रैली में खान ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, 'ये सोशल मीडिया का जमाना है. कुछ भी छुपाया नहीं जा सकता. हम किसी की तानाशाही को स्वीकार नहीं करेंगे. हम सभी के साथ दोस्ती करेंगे लेकिन हम खुद को किसी के सामने सौंप नहीं सकते.'
इमरान खान ने पेश किया सबूत
इमरान खान ने इसके बाद एक पत्र निकालकर हवा में लहराते हुए कहा, 'मैं इल्जामात नहीं लगा रहा. मेरे पास जो खत है, वो सबूत है. मैं आपके सामने पाकिस्तान की आजादी का मामला रख रहा हूं. मेरे पास खत है और मैं इस पत्र पर शक करने वाले किसी भी व्यक्ति को चुनौती देना चाहता हूं. मैं उन्हें रिकॉर्ड से बाहर बुलाऊंगा. हमें तय करना होगा कि हम कितने समय तक ऐसे रहना चाहते हैं. हमें धमकियां मिल रही हैं. विदेशी साजिश के बारे में कई बातें हैं जो बहुत जल्द आप सबको बताई जाएगी.'

अमेरिका की 250वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर जारी होने वाले विशेष सोने के सिक्के को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. प्रस्तावित सिक्के पर डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर छापने के फैसले ने कानूनी और राजनीतिक बहस छेड़ दी है. जहां ट्रंप समर्थक इसे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बता रहे हैं, वहीं विरोधी इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बता रहे हैं.

जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने रविवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिछी बारूदी सुरंगों को हटाने का प्रस्ताव रखा है. उन्होंने कहा है कि यदि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर हो जाता है तो जापान होर्मुज जलडमरूमध्य में बिछी समुद्री बारूदी सुरंगों (नेवल माइंस) को हटाने के लिए अपने अत्याधुनिक 'माइनस्वीपर' जहाज तैनात करेगा.

ईरान जंग से तेल $112 प्रति बैरल तक पहुंच रहा है. एयरलाइंस उड़ानें काट रही हैं. ट्रांसपोर्ट महंगा हो रहा है. जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश में फ्यूल राशनिंग शुरू हो गई है. IEA का 10-पॉइंट प्लान आ गया है. दुनियाभर की सरकारें इसे एनर्जी सिक्योरिटी कहेंगी, लेकिन असर लॉकडाउन जैसा दिखना शुरू हो चुका है. इस बार चेतावनी भी नहीं मिलेगी.

जापान ने कहा है कि अगर इजरयाल-अमेरिका का ईरान के साथ जो युद्ध जल रहा है, उसपर अगर पूरी तरह से विराम लगता है तो वह होर्मुज के रास्ते से माइंस हटाने का सोचेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो दिन पहले ही जापान के प्रधानमंत्री से मुलाक़ात की थी. इस मुलाक़ात के बाद जापान की ओर से यह बयान जारी किया गया है.

ईरान ने दक्षिण इजरायल के अराद और डिमोना में भीषण मिसाइल हमले किए है. इजरायली विदेश मंत्रालय के मुताबिक इस हमले में बच्चों समेत 100 से ज्यादा लोग घायल है. ईरान ने इन हमलों के लिए बैलिस्टिक मिसािलों का इस्तेमाल किया और डिमोनो शहर जहां इजरायल का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र के पास ये हमला हुआ, जो कि बड़ा चिंता का विषय है.








