
सड़क पर खड़े होते हैं ट्रक, चल रहे अवैध ढाबे... फलोदी हादसे पर SC ने पूछा- जिम्मेदार कौन
AajTak
राजस्थान के फलोदी सड़क हादसों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने NHAI की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं. कोर्ट ने कहा कि जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने से काम नहीं चलेगा. भारत माला परियोजना के तहत बने हाईवे पर अवैध ढाबों, ट्रकों की पार्किंग और कोहरे में बढ़ते हादसों को लेकर अदालत ने विस्तृत रिपोर्ट तलब की है.
राजस्थान के फलोदी में हुए सड़क हादसों के मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है. अदालत ने साफ कहा कि NHAI द्वारा दाखिल हलफनामा ऐसा प्रतीत होता है जैसे वह हादसों की जिम्मेदारी ठेकेदारों या स्थानीय प्रशासन पर डालकर खुद को बचाने की कोशिश कर रहा हो.
कोर्ट ने सवाल उठाया कि आखिर इन हादसों के लिए वास्तविक रूप से जिम्मेदार कौन है और पीड़ितों के लिए सही कानूनी उपाय क्या है. कोर्ट ने कहा कि यह मामला सिर्फ फलोदी या सीतापुर तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत माला परियोजना के तहत बने हाईवे पर यह समस्या देशभर में देखने को मिल रही है.
यह भी पढ़ें: कैंसर को देशव्यापी बीमारी घोषित करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, केंद्र और राज्यों से मांगा जवाब
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल (SG) ने दलील दी कि देश में स्पीड लिमिट से जुड़े कानून और नियम मौजूद हैं. इस पर पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि वे खुद भारत माला हाईवे पर नियमित यात्रा करते हैं और यह समस्या लगभग हर जगह नजर आती है. अदालत ने कहा कि कई जगह सर्विस रोड या निकास बिंदुओं के आसपास ट्रक कहीं भी खड़े कर दिए जाते हैं और अवैध ढाबे संचालित हो रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है.
NHAI समय-समय पर जिलाधिकारियों को लिखता ही चिट्ठी
SG ने स्वीकार किया कि सर्विस रोड पर ढाबे नहीं होने चाहिए और ये अवैध हैं. उन्होंने बताया कि ढाबों को हटाने की प्राथमिक जिम्मेदारी NHAI की है, लेकिन इस अधिकार को जिला मजिस्ट्रेटों को सौंपा गया है, जिनके अधीन नगर निकाय और पुलिस आते हैं. NHAI समय-समय पर जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग करता है.

मेरठ पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी मॉड्यूल का खुलासा करते हुए सुभारती यूनिवर्सिटी में नर्सिंग की पढ़ाई करने वाले नाइजीरियाई नागरिक उमर को हिरासत में लिया है. आरोपी के खाते में 45 लाख रुपये के लेनदेन का पता चला, जबकि करोड़ों की ठगी की आशंका है. उसका साथी फरार है. पुलिस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है.

Eid Mubarak: इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, रमज़ान का महीना खत्म होने और शव्वाल का चांद दिखाई देने के साथ ईद का त्योहार मनाया जाता है. रमज़ान के 29 या 30 रोजों के बाद मनाए जाने वाले त्योहार को 'ईद-उल-फित्र' भी कहा जाता है. इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग ईद की नमाज़ के बाद एक-दूसरे को गले लगाते हैं, और ईद की मुबारकबाद देते हैं. घरों में सेवईयां, खीर, शीर खुरमा जैसे मीठे पकवान बनाए जाते हैं. इस मौके पर आप भी अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को खास मैसेज भेजकर ईद मुबारक कह सकते हैं.











