
संघ से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच की मांग, अमेज़ॉन-फ्लिपकार्ट से कारोबार की मंज़ूरी वापस ले सरकार
The Wire
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सम्मेलन में पारित एक प्रस्ताव में अमेज़ॉन, फ्लिपकार्ट और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों के परिचालन की सीबीआई से जांच कराने की भी मांग की गई है. उसका कहना है कि ये प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मानकों का खुला उल्लंघन कर कारोबार कर रही हैं.
नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध पत्रिका ‘पाञ्चजन्य’ द्वारा कथित भ्रष्ट प्रथाओं और भारत में ईसाई धर्म को बढ़ावा देने के लिए अमेजॉन पर हमला करने के महीनों बाद इसी संगठन से संबद्ध स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने सरकार से ई-कॉमर्स कंपनियों- अमेजॉन और फ्लिपकार्ट से देश में कारोबार की अनुमति को तत्काल वापस लेने का अनुरोध करते हुए कहा है कि ये नियमों का खुलकर उल्लंघन कर रही हैं.
स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सम्मेलन में पारित एक प्रस्ताव में अमेजॉन, फ्लिपकार्ट, वालमार्ट और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों के परिचालन की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की भी मांग की गई है. उसका कहना है कि ये प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मानकों का खुला उल्लंघन कर कारोबार कर रही हैं.
मंच के ग्वालियर में संपन्न 15वें राष्ट्रीय सम्मेलन में पारित प्रस्ताव के मुताबिक, बहु-ब्रांड खुदरा कारोबार में एफडीआई पर कई पाबंदियां लगी हुई हैं और विदेशी कंपनियां यहां पर इन्वेंट्री-आधारित मॉडल पर कारोबार नहीं कर सकती हैं. इसके अलावा उन पर कीमतों में बहुत ज्यादा कमी करने की भी रोक है. लेकिन अमेजॉन और फ्लिपकार्ट इन प्रावधानों का खुला उल्लंघन कर रही हैं.
स्वदेशी जागरण मंच ने दावा किया कि अमेजॉन अपने ई-कॉमर्स कारोबार के साथ ही परंपरागत खुदरा कारोबार में भी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है. उसके मुताबिक, ‘शॉपर्स स्टॉप’ और ‘मोर’ रिटेल शृंखलाओं में अमेजॉन का निवेश इसी दिशा में बढ़ाया गया कदम है.

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