
श्रावस्ती: गैंगरेप के 33 साल बाद मिला न्याय, जिंदा बची एकमात्र महिला को पांच साल की कैद, जानें मामला
ABP News
श्रावस्ती में 33 साल पुराने गैंगरेप के एक मामले में अदालत ने एक मात्र जिंदा बची आरोपी महिला को दोषी करार देते हुए सजा का ऐलान किया है. अदालत ने महिला को पांच साल की सजा सुनाई है.
श्रावस्ती. उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले की एक अदालत ने 33 साल पहले नाबालिग के अपहरण और बलात्कार में मदद करने की आरोपी महिला को गुरुवार को दोषी ठहराया. अदालत ने आरोपी महिला को पांच साल की कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है. बता दें कि इस अपराध में दोषी करार दिए गये तीन पुरुषों और एक महिला की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है. श्रावस्ती के जिला शासकीय अधिवक्ता (अपराध) केपी सिंह ने शुक्रवार को बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश परमेश्वर प्रसाद ने मामले में एकमात्र जीवित बची आरोपी रामावती को अपहरण और सामूहिक बलात्कार में मदद करने का दोषी करार देते हुए गुरुवार को उक्त सजा सुनाई है.More Related News













