
शहर बंद, सड़कों पर पहरा और 10 फीट की फेंसिंग... ऐसे विवादों में आ गया था टोरंटो का जी20 शिखर सम्मेलन
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वो साल 2010 था, जब जी20 शिखर सम्मेलन का आयोजन कनाडा के टोरंटो में हो रहा था. उस साल जी20 शिखर सम्मेलन में वैश्विक वित्तीय प्रणाली और विश्व अर्थव्यवस्था पर चर्चा होनी थी. ये आयोजन तो टोरंटो में हुआ लेकिन इसका विरोध और आलोचना भी चर्चा का विषय बन गए थे.
नई दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त को लेकर कुछ लोगों को शिकायत है. खासकर कनॉट प्लेस के दुकानदार और कारोबारी बाजार बंद किए जाने का विरोध कर रहे हैं. ऐसा ही कुछ साल 2010 में टोरंटो के जी20 शिखर सम्मेलन में भी हुआ था. बल्कि वहां विवाद इससे कहीं ज्यादा था. वो जी20 शिखर सम्मेलन कड़े सुरक्षा इतंजामों की वजह से ही विवादों और आलोचना का शिकार बन गया था. जी20 के इतिहास में उस शिखर सम्मेलन को अब तक का सबसे विवादित आयोजन माना जाता है. तो चलिए जान लेते हैं उस जी20 शिखर सम्मेलन के विवादित बन जाने की पूरी कहानी.
26-27 जून 2010, टोरंटो - कनाडा वो साल 2010 था, जब जी20 शिखर सम्मेलन का आयोजन कनाडा के टोरंटो में हो रहा था. उस साल जी20 शिखर सम्मेलन में वैश्विक वित्तीय प्रणाली और विश्व अर्थव्यवस्था पर चर्चा होनी थी. वो जी20 से जुड़े राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों की चौथी बैठक थी. 26-27 जून 2010 यानी दो दिन के इस शिखर सम्मेलन का आयोजन टोरंटो, ओन्टारियो, कनाडा में मेट्रो टोरंटो कन्वेंशन सेंटर में हुआ था.
विवाद और आलोचना की वजह टोरंटो में G20 शिखर सम्मेलन को अपने सुरक्षा इतंजामों के कारण आलोचना और विवाद का सामना करना पड़ा था. नागरिक स्वतंत्रता को प्रतिबंधित करने और प्रदर्शनकारियों के साथ तनाव पैदा करने, सुरक्षा बाड़ लगाने और भारी पुलिस बल की मौजूदगी के साथ व्यापक सुरक्षा उपाय करने की वजह से उस साल टोरंटो में शिखर सम्मेलन की जमकर आलोचना हुई थी. यहां तक कि उस दो दिन के आयोजन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों के खिलाफ पुलिस एक्शन की खबरें भी सुर्खियों में आ गईं थीं.
पुलिस समेत कई एजेंसियों की तैनाती दरअसल, फरवरी 2010 में टोरंटो में शिखर सम्मेलन की सुरक्षा के लिए तैयारी शुरू कर दी गईं थीं. कई स्तर पर सुरक्षा अधिकारी इस काम की कमान संभाल रहे थे. जिसमें टोरंटो पुलिस सेवा, ओंटारियो प्रांतीय पुलिस, रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस और कैनेडियन फोर्सेस सहित कई कानूनी प्रवर्तन एजेंसियां सुरक्षा इंतजामों के लिए तैनात की गईं थीं. इसी तरह से पील क्षेत्रीय पुलिस ने टोरंटो के पियर्सन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा व्यवस्था संभालने में मदद की थी. लेकिन किसी को इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि यही सुरक्षा इंतजाम इस शिखर सम्मेलन की बदनामी का सबब बन जाएंगे. अब बताते हैं कि उस जी20 शिखर सम्मेलन में किस तरह के सुरक्षा इंतजाम थे.
दुकानों पर लगाए थे बख्तरबंद जैसे कवर बोर्ड साल 2010 में कनाडा के मेट्रो टोरंटो कन्वेंशन सेंटर को मुख्य आयोजन स्थल बनाया गया था. लेकिन इस आयोजन की वजह से वहां की सभी दुकानों और बाजारों को दो दिन के लिए बंद रखा गया था. इस बात से वहां के दुकानदार काफी नाराज थे. कई दुकानदारों ने किसी भी तरह की घटना और दंगे की आशंका के चलते अपनी दुकानों पर बाहर मजबूत और सख्त किस्म के कवर लगा दिए थे. ताकि कुछ भी हो जाने पर उनकी दुकानों को नुकसान ना पहुंचे. इसके अलावा नगरपालिका की संपत्तियों में 745 समाचार पत्र बक्से, 200 सार्वजनिक कचरे के डिब्बे, 70 मेलबॉक्स, 29 बस शेल्टर और 5 सार्वजनिक सूचना बोर्ड भी शहर से हटा दिए गए थे.
एकीकृत सुरक्षा इकाई (ISU) आयोजन के दौरान वहां पांच विभागों की एक एकीकृत सुरक्षा इकाई (आईएसयू) का गठन किया गया था, जो वैंकूवर में 2010 के शीतकालीन ओलंपिक के लिए बनाई गई इकाई के समान थी.

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