
'वोटर लिस्ट से नाम हटाना आतंकवाद से भी...', बिहार में स्टालिन की तमिल स्पीच, हिंदी में समझाता रहा ट्रांसलेटर
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डीएमके नेता एम के स्टालिन का हिंदी विरोध उनकी पार्टी की द्रविड़ पहचान और तमिल भाषा के प्रति समर्पण से जुड़ा है. डीएमके लंबे समय से हिंदी के प्रभुत्व का विरोध करती रही है, क्योंकि इसे तमिल संस्कृति और भाषा पर थोपने के रूप में देखा जाता है. बुधवार को हिंदी भाषी बिहार आकर भी स्टालिन ने रैली को तमिल में ही संबोधित किया.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन आज चुनावी रैली के सिलसिले में बिहार के मुजफ्फरपुर पहुंचे. राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ मंच साझा करते हुए स्टालिन ने तमिल भाषा में मुजफ्फरवासियों को संबोधित किया. इसका अनुवाद एक व्यक्ति हिन्दी भाषा में कर रहा था. लोगों की जयकार और सियासी बयानबाजी के बीच स्टालिन ने मुजफ्फरपुर में समां बांध दिया.
राहुल गांधी-तेजस्वी यादव के वोट चोरी के आरोपों का समर्थन करते हुए तमिलनाडु के सीएम ने कहा कि मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट से मिटाना आतंकवाद से भी बुरा है.
स्टालिन ने कहा कि बिहार का जिक्र होते ही हमें आदरणीय लालू प्रसाद यादव का नाम याद आता है. हमारे नेता करुणानिधि और लालू जी घनिष्ठ मित्र रहे. कितने ही मुकदमे और धमकियां आई लेकिन लालू जी भारत के सबसे बड़े नेताओं में बनकर खड़े हैं. उनके ही पदचिह्नों पर तेजस्वी आगे बढ़ते हुए संघर्ष कर रहे हैं. पिछले एक महीने से पूरा भारत केवल बिहार को देख रहा है. तमिलनाडु सीएम ने कहा कि भारत के लोकतंत्र पर जब भी खतरा आया तो क्रांति का बिगुल बिहार से ही बजा.
डीएमके अध्यक्ष अपनी बहन और पार्टी सांसद कनिमोझी के साथ बिहार पहुंचे. यहां वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा, राजद के तेजस्वी यादव और सीपीआई (एमएल) महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य के साथ चल रही 'मतदाता अधिकार यात्रा' में शामिल हुए.
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में निकाली गई यात्रा का विरोध करते हुए स्टालिन ने कहा कि पिछले एक महीने से पूरा देश बिहार पर नज़र गड़ाए हुए है. चुनाव आयोग रिमोट कंट्रोल वाली कठपुतली बन गया है.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने पूछा, "क्या 65 लाख लोगों के नाम (ड्राफ्ट मतदाता सूची से) हटाना आतंकवाद से भी बदतर नहीं है?"

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