
विरोध के बावजूद इजरायल का शक्ति प्रदर्शन जारी, हर मोर्चे से अपने दुश्मनों को खत्म करने में जुटी सेना
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Israel-Hamas War: इजरायल हर मोर्चे से अपने दुश्मनों को खत्म करने में जुटा है. हमास के आतंकियों के साथ-साथ इजरायली सेना हिजबुल्ला के ठिकानों पर भी जबरदस्त हमले कर रही है. इन हमलों की तस्वीरें जारी कर अपनी शक्ति का प्रदर्शन भी कर रही है. फिलिस्तीनियों पर भी इजरायली सेना के हमलों का कहर जारी है.
इजरायल हर मोर्चे से अपने दुश्मनों को खत्म करने में जुटा है. हमास के आतंकियों के साथ-साथ इजरायली सेना हिजबुल्ला के ठिकानों पर भी जबरदस्त हमले कर रही है. इन हमलों की तस्वीरें जारी कर अपनी शक्ति का प्रदर्शन भी कर रही है. फिलिस्तीनियों पर भी इजरायली सेना के हमलों का कहर जारी है. दीर अल बलाह शहर की दो रिहायशी इमारतों को फिर से निशाना बनाया गया. इसमें कई लोगों की मौत हो गई है. वहीं इस बीच यरूशलम में गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक में यहूदी बस्ती बसाने पर ज़ोर दिया जा रहा है.
हमास और इजरायल के बीच संघर्ष को 4 महीने हो गए हैं, लेकिन गाजा पर हमले लगातार जारी हैं. इस वक्त हालात बेहद नाज़ुक बने हुए हैं. इजरायली सेना ने गाजा के दीर अल बलाबह में दो रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया है. इसमें 17 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. सभी घायलों को अल-अक्सा अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हालांकि, वहां इलाज के लिए पर्याप्त सुविधा नहीं है. गाजा में मौत के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं. लाखों लोग बेघर हो गए हैं. दाने-दाने को मोहताज हैं.
अमेरिका समेत कई देशों ने मानवीय मदद भी बंद भी कर दिए हैं. इसको लेकर यूएन और खुद फिलिस्तीन के पीएम ऐसा ना करने की अपील कर रहे हैं. दूसरी तरफ गाज़ा पट्टी और वेस्ट बैंक में यहूदी बस्ती बसाने की भी मांग होने लगी है. इसको लेकर यरूशलम में एक विशाल सम्मेलन किया गया. इसका विषय रखा गया सैटेलमेंट सुरक्षा और जीत लाता है. इस सम्मेलन में हजारों लोग शामिल हुए जिसमें राजनेता, कार्यकर्ता समेत कई लोग शामिल हुए. इसमें गाजा और वेस्ट बैंक में यहूदी बस्ती बसाने पर ज़ोर दिया गया है.
गाजा में इजरायल हमले के बाद से हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं. रफा और गाजा के दूसरे हिस्सों में शरण लिए हुए फिलिस्तनियों को मिलने वाली मानवीय मदद में भारी कटौती की जा रही है. ब्रिटेन, इटली, नीदरलैंड और फिनलैंड जैसे कई देशों ने संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी को फंडिंग बंद कर दी है. आरोप लगाया कि इसके कुछ कर्मचारी हमास से मिले हुए हैं. इसको लेकर फिलिस्तनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने इसे इंसानियत और मानवियता के खिलाफ निर्णय बताया है. इसे तुरंत शुरू करने की मांग की है.
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