
विराट कोहली की कप्तानी का भविष्य हुआ तय, BCCI सचिव जय शाह ने कही बड़ी बात
Zee News
हालांकि BCCI ट्रेजरार अरूण धूमल ने विराट कोहली के कप्तानी छोड़ने की खबरों पर ब्रेक लगाते हुए बेबुनियाद कर दिया, साथ ही अब बीसीसीआई सचिव जय शाह का बड़ा बयान सामने आया है.
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) की कप्तानी को लेकर मीडिया में कई तरह खबरें चल रही थीं. जैसे कि विराट कोहली टी-20 वर्ल्डकप के बाद वनडे और टी-20 फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ सकते हैं और फिर उसके बाद रोहित शर्मा को इन दोनों फॉर्मेट की जिम्मेदारी दी जाएगी. हालांकि BCCI ट्रेजरार अरूण धूमल ने इन खबरों पर ब्रेक लगाते हुए बेबुनियाद कर दिया. अब इस सिलसिले में बीसीसीआई के सचिव जय शाह (Jai Shah) का बयान सामने आया है. बीसीसाई सचिव जय शाह ने इंडियन एक्स्प्रेस के बात करते हुए विराट कोहली की कप्तानी छोड़ने और न छोड़ने को लेकर बड़ा बयान दिया है. जय शाह ने कहा है कि जब तक टीम परफॉर्म कर रही है, अच्छा परफॉर्मेन्स दे रही है तो कप्तानी में बदलाव का कोई सवाल पैदा ही नहीं होता.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









