
रेखा से गुपचुप शादी? विनोद मेहरा की जिंदगी के वो राज जो कम लोग जानते हैं
ABP News
Vinod Mehra: विनोद मेहरा भले ही हमारे बीच नहीं हैं लेकिन लोग उनके काम को आज भी याद करते हैं. उन्होंने अभिनय के लाखों दिल को जीता था. फिल्मों के साथ वो अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी चर्चा में रहे.
हिंदी सिनेमा के उन अभिनेताओं में विनोद मेहरा का नाम खास है, जिन्होंने शोर-शराबे के बिना सहज और भावुक अभिनय से दर्शकों के दिल जीते. मासूम चेहरे, शांत व्यक्तित्व और खास अंदाज के साथ उन्होंने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई.
13 फरवरी 1945 को अमृतसर में जन्मे विनोद मेहरा ने बचपन से ही अभिनय की दुनिया में कदम रखा. साल 1958 में फिल्म 'रागिनी' में बाल कलाकार के रूप में डेब्यू किया, जहां उन्होंने किशोर कुमार के बचपन के किरदार को निभाया. साल 1971 में 'एक थी रीता' से उन्होंने बतौर अभिनेता डेब्यू किया, जो सुपरहिट रही.
विनोद मेहरा का करियर60 के दशक के आखिरी और 70 के दशक में जब धर्मेंद्र और राजेश खन्ना जैसे सितारे चमक रहे थे, विनोद मेहरा की शांत, सौम्य और चॉकलेटी इमेज ने अलग पहचान बनाई. उनकी हेयरस्टाइल की नकल उनके फैंस करते थे. विनोद का अभिनय दिखावे से दूर, निजी और स्वाभाविक था.
वह पर्दे पर अभिनय नहीं करते थे बल्कि किरदार को जीते थे. उनकी आंखों में नमी और चमक, धूप से खिलने वाली हंसी और संवाद अदायगी की खास आवाज उन्हें दूसरे अभिनेताओं से अलग करती थी. आम इंसान की भावनाएं, रिश्तों की नाजुकता और भीतर का संघर्ष उनके किरदार में साफ झलकता था.













