
रूस के 'मार्क जकरबर्ग' टैग से वॉन्टेड मैन तक...टेलीग्राम CEO की ऐसे बदल गई जिंदगी
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Telegram CEO और फाउंडर Pavel Durov की गिरफ्तारी के बाद वह चर्चा में हैं. Elon Musk से लेकर Edward Snowden उनके समर्थन में आए हैं. आज यहां आपको Pavel Durov की जिंदगी के बारे में डिटेल्स में बताने जा रहे हैं. यहां हम बताएंगे कि कैसे वह रूस के मार्क जकरबर्ग से एक वॉन्टेड मैन बन गए. साथ ही उन्होंने कैसे Telegram की शुरुआत की. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
Telegram के फाउंडर और CEO Pavel Durov ने करीब एक दशक पहले रूस को छोड़ दिया था, क्योंकि सरकार की तरफ से उनपर दबाव बनाया जा रहा था कि वह विपक्षी पार्टी के पेज और ग्रुप को बंद कर दें और यूजर्स डेटा शेयर करें. उन्होंने रूस में एक फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म की शुरुआत की थी, जिनका नाम Vkontakte था और उन्हें रूस के मार्क जकरबर्ग भी कहा जाने लगा था. आज आपको Pavel Durov के बारे में डिटेल्स में बताने जा रहे हैं कि वह कैसे रूस के मार्क जकरबर्ग के टैग से वॉन्टेड मैन बन गए और फ्रांस में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
Pavel Durov के बारे में जानने शुरुआत हाल ही में हुई गिरफ्तारी से करते हैं. शनिवार देर शाम को फ्रांस के एक एयरपोर्ट से Pavel Durov को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के पीछे की वजह ऐप के मॉडरेटर में कमी और क्रिमिनल्स एक्टिविटिज को लेकर बताया.
सोमवार को फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रॉन ने बताया कि Pavel Durov को गिरफ्तार किया है. उन्होंने कहा कि उनका देश फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन का समर्थन करता है, लेकिन कोई भी देश कानून से चलता है. कानून के मुताबिक आजादी के साथ कुछ नियम होते हैं, जो सोशल मीडिया और असल जिंदगी पर भी लागू होते हैं.
इस गिरफ्तारी के पीछे की वजह कुछ भी हो, लेकिन कई लोगों के बीच में Pavel Durov अचानक हीरो बन गए हैं. दुनियाभर में ऐसे कई लोग हैं, जो ऊंची पोस्ट पर हैं और बोलने की आजादी का पूरा समर्थन करते हैं. ऐसे लोगों को लगता है कि यह एक तरह की सेंसरशिप है, खासकर तब जब पूरी दुनिया में जब ऑनलाइन कंटेंट बढ़ रहा है और कई देश की सरकारें उसे दबाने का कोशिश में हैं.
दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक Elon Musk और Edward Snowden ने Pavel Durov का समर्थन किया है. मस्क ने X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम Twitter) पर एक पोस्ट किया और उसें #FreePavel का इस्तेमाल किया. टेलीग्राम ने रविवार को जारी स्टेटमेंट में कहा कि वह यूरोपीय यूनियन के कानून का पालन करते हैं. कंपनी ने कहा कि यह दावा गलत है कि उनका प्लेटफॉर्म और प्लेटफॉर्म मालिक उसके दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार हैं.
Telegram एक पॉपुलर मैसेजिंग ऐप है, जिसका इस्तेमाल रूस, यूक्रेन, ईरान और कई देश में किया जाता है. हालांकि ये भी सच है कि Pavel Durov की नीति की वजह से इस प्लेटफॉर्म ने आतंकवाद, चरमपंथी, स्कैमर्स और ड्रग डीलर्स आदि को अट्रैक्ट किया है.

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