
रूस-अमेरिका की लड़ाई ने भारत की दुविधा बढ़ाई, एक पक्ष चुनना आसान नहीं
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भारत न अमेरिका को छोड़ सकता है और न ही रूस से दूर जा सकता है. लेकिन अमेरिका के लिए भारत तभी भरोसेमंद बन सकता है जब वो रूस को लेकर अमेरिकी लाइऩ का समर्थन करेगा.
अमेरिका और रूस के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. 17 मार्च को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को ‘किलर’ तक कह दिया. इसके जवाब में पुतिन ने अपने राजनयिकों को वापस बुला लिया और अमेरिका को जमकर खरी-खोटी सुनाई. Had an excellent meeting in New Delhi today with my US counterpart, @SecDef Mr. Lloyd J. Austin on ways to strengthen India-US defence partnership. The India-US partnership in the field of Defence has acquired the dimensions of strategic partnership in the last decade. pic.twitter.com/W0rtna63D1 My statement after meeting the @SecDef Mr. Lloyd Austin. pic.twitter.com/K0uQDzFqk8 पुतिन ने कहा कि अमेरिका का इतिहास अन्याय से भरा पड़ा है. पुतिन ने दास प्रथा और जापान में परमाणु हमले का हवाला दिया. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विपरीत, जो बाइडन ने सत्ता में आने के बाद से पुतिन को लेकर सख्त रुख अख्तियार कर रखा है. पुतिन के प्रति ट्रंप उदार थे और उन्होंने कभी रूसी राष्ट्रपति के खिलाफ कड़े शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया.
ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

आज यु्द्ध का 24वां दिन है. इजरायल पर ईरान और जवाब में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच सवाल ये कि क्या डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर फंस गए हैं. ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों से लग रहा है कि जंग छेड़ने से पहले हॉर्मुज को लेकर ट्रंप सोच नहीं पाए थे. देखें कैसे बदलते जा रहे ट्रंप के बयान.









