
मेटा: फ़ेसबुक ने अपना नाम बदला, इसके मायने क्या हैं?
BBC
साल 2015 में गूगल ने भी इसी तरह का क़दम उठाया था. उसने भी पेरेंट कंपनी का नाम बदलकर अल्फ़ाबेट कर दिया था. हालाँकि यह नाम प्रचलन में नहीं आया.
फ़ेसबुक ने अपना कॉर्पोरेट नाम बदलकर मेटा कर लिया है. यह फ़ेसबुक की व्यापक रीब्रैंडिंग का हिस्सा है.
कंपनी ने कहा है कि वो सोशल मीडिया से आगे वर्चुअल रियलिटी में अपनी पहुँच बढ़ाएगी. नाम में बदलाव अलग-अलग प्लेफॉर्म्स, जैसे- फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप में नहीं होगा.
यह बदलाव इन सबके स्वामित्व वाली पेरेंट कंपनी के लिए है. यानी मेटा पेरेंट कंपनी है और फ़ेसबुक, वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम इनके हिस्सा हैं.
फ़ेसबुक ने यह क़दम तब उठाया है, जब उसकी एक पूर्व कर्मी की ओर से दस्वावेज़ लीक करने के बाद नकारात्मक रिपोर्ट्स सिलसिलेवार ढंग से सामने आईं. फ़ेसबुक की पूर्व कर्मी फ़्रांसेस हॉगन ने आरोप लगाया था कि यह सोशल मीडिया कंपनी सुरक्षा को दांव पर लगाकर मुनाफ़े के लिए काम कर रही है.
साल 2015 में गूगल ने भी इसी तरह का क़दम उठाया था. उसने भी पेरेंट कंपनी का नाम बदलकर अल्फ़ाबेट कर दिया था. हालाँकि यह नाम प्रचलन में नहीं आया.













