
ईरान युद्ध से पैदा हुए ऊर्जा संकट के बाद चीन दूसरे देशों से आगे क्यों है?
BBC
ईरान जंग की वजह से पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है. लेकिन चीन ने ऐसा क्या किया है जिसके कारण उसके हालात दूसरे कई देशों से बेहतर हैं?
चीन लंबे समय से ख़ुद को तेल संकट से निपटने के लिए तैयार रहा था, लेकिन ईरान युद्ध के कारण एक अहम ग्लोबल शिपिंग रूट में आई रुकावट अब उसकी मज़बूती की परीक्षा ले रही है.
मध्य पूर्व से आने वाली ऊर्जा आपूर्ति ठप पड़ी है, क्योंकि ईरान ने उन जहाज़ों पर हमला करने की धमकी दी है जो होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजरते हैं. यह धमकी अमेरिका-इसराइल हमलों के जवाब में दी गई है.
इस नाकेबंदी के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति का संकट खड़ा हो गया है, जिसने खाड़ी पर निर्भर एशियाई देशों को बुरी तरह प्रभावित किया है.
फिलीपींस ने ईंधन बचाने के लिए चार दिन का वर्क वीक लागू किया है और इंडोनेशिया अपने सीमित भंडार को जल्दी खत्म होने से बचाने के उपाय खोज रहा है.
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इस दबाव को दुनिया का सबसे बड़ा तेल ख़रीदार चीन भी महसूस कर रहा है.
लेकिन अपने पड़ोसियों के मुकाबले चीन की स्थिति बेहतर है, क्योंकि उसने सालों की नीति के जरिए खुद को किसी भी संभावित ऊर्जा संकट के लिए तैयार किया है.













