
ईरान के जवाबी हमलों से अनचाहे युद्ध में कैसे फंस गए हैं खाड़ी देश
BBC
फ़ारस की खाड़ी के एक तरफ़ ईरान है और दूसरी तरफ़ सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत और क़तर. अब ये सारे देश ख़ुद को इस जंग में बुरी तरह फंसा हुआ पा रहे हैं.
अमेरिका-इसराइल के ईरान पर हमले के बाद मध्यपूर्व के हालात तेज़ी से बदल रहे हैं और इस संघर्ष की आग अब खाड़ी देशों तक पहुंच चुकी है.
बुधवार को ईरान ने अपने गैस फ़ील्ड पर हमलों के बाद खाड़ी देशों के तेल और गैस ठिकानों पर हमलों की चेतावनी दी और देर शाम मिसाइल हमले कर दिए.
दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी उत्पादन फ़ील्ड साउथ पार्स धुएं के काले बादलों से ढक गया.
क़तर की सरकारी तेल कंपनी के मुताबिक़ ईरान के मिसाइल हमले में तेल प्रोसेसिंग यूनिट रास लाफ़ान में भारी नुक़सान हुआ.
वहीं सऊदी अरब ने राजधानी रियाद के ऊपर चार बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने का दावा किया.
कुछ रिपोर्टों के मुताबिक़, ईरान ने सऊदी की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको के ठिकानों को भी निशाना बनाया है.
संयुक्त अरब अमीरात पर भी ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए.













