
महाराष्ट्र के पालघर में बड़ा हादसा, चॉल पर गिरा अपार्टमेंट का पिछला हिस्सा... 2 लोगों की मौत और 9 घायल
AajTak
महाराष्ट्र के पालघर में एक बड़ा हादसा हो गया. जहां एक अपार्टमेंट का पिछला हिस्सा एक चॉल पर गिर गया और दबने से 2 लोगों की मौत हो गई. जबकि 9 अन्य लोग घायल हैं. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई में एक इमारत का एक हिस्सा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई. जबकि 9 अन्य घायल हो गए. इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने दी. फिलहाल घायलों को मुंबई के बाहरी इलाके विरार और नालासोपारा के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.
अधिकारी के मुताबिक वसई के नारंगी रोड पर स्थित चार मंजिला रमाबाई अपार्टमेंट का पिछला हिस्सा रात करीब 12.05 बजे पास की एक चॉल पर गिर गया. वसई-विरार नगर निगम (वीवीएमसी) के एक अधिकारी ने बताया कि बचावकर्मियों ने अब तक मलबे से 11 लोगों को निकाला है, जिनमें से कुछ गंभीर रूप से घायल हैं. जबकि 2 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया.
यह भी पढ़ें: गुजरात: अहमदाबाद में बिल्डिंग गिरी, मलबे में दबे लोगों को दमकल कर्मियों ने सुरक्षित निकाला
अपार्टमेंट के पिछले हिस्से के चॉल पर गिरने से हुआ हादसा
सूचना पर अग्निशमन विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की दो टीमों को दुर्घटनास्थल पर भेजा गया. पालघर के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विवेकानंद कदम ने प्रारंभिक जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि रमाबाई अपार्टमेंट का पिछला हिस्सा बगल की चॉल पर गिर गया.
कदम ने कहा कि दुर्भाग्य से हमने 24 वर्षीय आरोही ओमकार जोविल और 1 वर्षीय उत्कर्षा जोविल को खो दिया है. दोनों मलबे के नीचे बेहोश पाए गए और अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. घायलों को विरार और नालासोपारा के अस्पतालों में भेजा गया है.

NATO बिना अमेरिका के युद्धाभ्यास कर रहा है. यानी अब वर्ल्ड ऑर्डर बिना अमेरिका के तय हो रहा है और इसे बर्दाश्त करना उसके लिए मुश्किल हो रहा है. इसलिए अमेरिका अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए किसी को टैरिफ की धमकी दे रहा है, किसी को युद्ध की धमकी दे रहा है.अब अमेरिका ने ईरान पर हमला ना करने के बदले अपनी कई शर्तें मानने की चेतावनी दी है. ऐसे में सवाल है क्या अमेरिका अपने वर्चस्व को बरकरार रखने के लिए कोई बड़ा कदम उठा सकता है? देखें ब्लैक एंड व्हाइट.

देश की सर्वोच्च अदालत ने UGC के नए नियमों से सामान्य वर्ग को नफरती करके फंसाए जाने की आशंका को गंभीरता से लिया है. कॉलेज कैंपस में भेदभाव रोकने के नाम पर 13 जनवरी के नियमों को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है. इसके बाद सामान्य वर्ग की राजनीतिक ताकत और इस मुद्दे के व्यापक मायनों पर चर्चा तेज हो गई है. जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए इन नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक ने इसके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

प्रयागराज माघ मेले से लौटे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने सरकार को गोहत्या और मांस निर्यात के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी है. शंकराचार्य ने साफ कहा है कि अगर सरकार द्वारा निर्धारित शर्तें पूरी नहीं की गईं, तो वे मुख्यमंत्री को नकली हिंदू घोषित करेंगे. यह बयान राजनीतिक और सामाजिक विवादों को जन्म दे सकता है क्योंकि गोहत्या और मांस निर्यात जैसे मुद्दे प्रदेश के भीतर संवेदनशील विषय हैं.










